10 साल संघर्ष के बाद 4 गांवों को मिलेगा पानी:4.24 करोड़ की लागत से बन रहा डेम, 3000 हेक्टेयर भूमि पर हो सकेगी सिंचाई

प्रतापगढ़9 दिन पहले
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उपखंड क्षेत्र के मण्डावरा ग्राम पंचायत में मण्डावरा के पास देवकुंड पर 4.24 करोड़ से 30 नवम्बर 2022 में बनने वाले डेम का कार्य चालू होने से कई किसानों के चेहरे खिल उठे। सिंचाई विभाग के सहायक अभियन्ता करन सिंह ने बताया की इस डेम के बनने से 2 हजार से अधिक ग्रामीण क्षेत्र में निवास करने वाले लोग लाभान्वित होंगे। क्षेत्र के 4 गांव मंडावरा, कुलथाना, रायपुरिया और उछवानिया के ग्रामीण करीब 10 साल से इसकी मांग कर रहे थे। समय-समय पर उन्होंने इस को लेकर ज्ञापन भी दिए। इसके साथ ही डेम बनने से आस पास क्षेत्र का भू- जल स्तर भी बढ़ेगा व मवेशियों को पीने का पानी मिलेगा।

डेम 4.24 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है। जिसकी लम्बाई 105 मीटर व उँचाई 5 मीटर होगी। इसकी भराव समता 1.46 एमसीएफ होगी। चुपना मंडल अधयक्ष राजेन्द्र सिंह झाला ने बताया की मण्डावरा गांव एक खण्ड क्षेत्र में बसा हुआ था। करीब 15 सालों से यहां के विकास को लेकर ग्रामीणों ने समय-समय पर अपनी आवाज उठाई।

4 गांवों में होगी सिंचाई

मंडावरा में डेम बनने से 4 गांव की करीब 3000 से अधिक हेक्टेयर भूमि पर अब किसान दोनों सीजन की फसल लेकर अपना आर्थिक विकास करेंगे। पहले किसान सिर्फ बारिश की खरीफ की फसल की ही बुवाई इस क्षेत्र में करते थे। कई संपन्न किसानों के कुएं और ट्यूबवेल की सुविधा होने के चलते वह तो रबी की बुवाई कर देते थे। लेकिन 600 से अधिक किसान ऐसे थे, जिनके पास सिंचाई के लिए साधन नहीं थे। वह सिर्फ एक ही फसल की बुवाई कर अपना जीवन यापन करते थे। डेम बनने से अब इन किसानों को फायदा होगा। करीब 1 से डेढ़ साल के अंदर यह डेम बंद कर तैयार होगा। गेहूं की फसल के लिए क्षेत्र की भूमि उपजाऊ मानी जाती है। प्रतापगढ़ मुख्यालय से सर्वाधिक गेहूं और लहसुन का उत्पादन इस क्षेत्र में होता है। लेकिन सिंचाई के अभाव में कई किसान रबी की बुवाई नहीं कर पाते थे। अब डेम का काम शुरू होने से किसान आने वाले समय में रबी की फसल की बुवाई कर, कृषि क्षेत्र में अपना आर्थिक विकास करेंगे।

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