बालिका की मौत:परिजन बोले-स्कूल में खाई थी आयरन की गोली, सकथल गांव का मामला, स्कूल में शव रखकर किया प्रदर्शन

प्रतापगढ़ (राजस्थान)22 दिन पहले
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जिले के सुहागपुरा पंचायत समिति क्षेत्र के सकथल में 10 वर्षीय बालिका की मौत के बाद परिजन बालिका का शव लेकर राजकीय स्कूल में प्रदर्शन करने लगे। परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि करीब 3 महीने पहले बालिका को आयरन की गोलियां दी थी। उसके बाद से उसकी तबीयत लगातार खराब चल रही थी। इसके बाद मौत हुई। सूचना के कुछ देर बाद पुलिस व जिला प्रशासन के अधिकारी पहुंचे। सकथल के ग्रामीण सहित परिजनों ने बताया कि 15 जुलाई यानी करीब 3 माह पहले स्कूल में करीब 50 से अधिक बच्चों को आयरन की गोलियां खिलाई थी।

इसके बाद 40 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ी थी। जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर बच्चों के सैंपल लेकर जांच के लिए भिजवाए थे। आयरन की गोलियों से बीमार होने की खबर जैसे ही फैली, उस समय तत्कालीन कलेक्टर सौरभ स्वामी ने पहुंचकर बच्चों के स्वास्थ्य के बारे में चिकित्सकों से जानकारी ली थी। 2 दिन बाद बीमार बच्चों की रिपोर्ट आई तो पता चला 20 से अधिक बच्चों को डेंगू पॉजिटिव निकला। डेंगू पॉजिटिव होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी गांव पहुंचे। गांव के अंदर बने गड्ढों से पानी को खाली करवाकर कीटनाशक दवाई का छिड़काव करवाया। सीएमएचअाे डॉ. वीडी मीणा ने बताया कि किशन मेघवाल की 10 वर्षीय बेटी तीन-चार माह से बीमार थी। इसका उदयपुर, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा के अस्पताल में इलाज चल रहा था। सीएमएचओ ने बताया कि बच्ची बीच में ठीक भी हो गई थी। इसके बाद फिर तबीयत बिगड़ी ताे अस्पताल में भर्ती कराया गया, तब से बीमार थी। फिलहाल परिजनों और ग्रामीणों की समझाइश के बाद बालिका के शव का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों काे साैंपा। गांव में शांति बनाए रखने को लेकर सुहागपुरा तहसीलदार व पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की। वहीं सीएमएचओ वीडी मीणा ने बताया बच्ची की रिपोर्ट जांच के लिए भेजी थी। इसके अंदर न तो डेंगू की रिपोर्ट पॉजिटिव थी और न ही नेगेटिव। रिपोर्ट नोट 4 डिजीज थी। यानी कि इसके चलते बच्ची की बीमारी का कारणों का पता नहीं चल पाया।

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