धर्मसभा का आयोजन:साध्वी धैर्य निधि ने कहा अहंकार वाली सामग्री को छोड़ मदद वाली सामग्री को एकत्रित करें

प्रतापगढ़12 दिन पहले
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गुमान जी मंदिर के भुवन भानु सभा भवन में रविवार काे भी प्रवचन हुए। इसमें साध्वी धैर्य निधि ने कहा कि आज का इंसान (मद) अहंकार को बढ़ाने वाली सामग्रियों को एकत्रित करने में व्यस्त है और किसी की मदद वाली सामग्रियों से कोसों दूर जा रहा है। साध्वी ने कहा कि आज का इंसान अष्टकोण रूपी जाति, ऐश्वर्य, रुप, बल, तप, ज्ञान, लाभ एवं श्राद्ध रूपी अहंकार के नशे में चूर है।

उस अहंकार से इंसान को दूर रहने के प्रयास करने चाहिए। षट कोण काम, क्रोध, लोभ, मोह, मान और ईर्ष्या को छोड़ने के नित्य प्रतिदिन प्रयास करने चाहिए। साध्वी ने कहा कि इंद्रिय विषयों को भी नियंत्रण में रखना चाहिए। साध्वी ने आज की पढ़ाई की आलोचना करते हुए कहा कि आज की पढ़ाई संबंधों को पूर्ण रूप से भूल चुकी है और संस्कार विहीन होकर केवल पोपट ज्ञान तक सीमित रह गई है।

जीवन में इंसान को जो कुछ भी मिला है वह देव और गुरु की कृपा से ही ही मिला है। उन चीजों का उसे अहंकार नहीं करना चाहिए। साध्वी ने कहा कि लगातार अभ्यासों से कुसंस्कारों को सहजता से तोड़ा जा सकता है। यदि कोई कार्य सिद्ध न हो तो लगातार अभ्यास करके उस कार्य को सिद्ध किया जा सकता है।

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