पांच बड़े पर्व:इस माह विवाह पंचमी सहित पांच बड़े पर्व भी

प्रतापगढ़2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

मार्गशीर्ष माह की शुरुआत बुधवार से हो चुकी है, ये माह आठ दिसंबर तक रहेगा। इस माह आठ बड़े पर्व व व्रत हैं। कार्तिक के बाद ये दूसरा पवित्र महीना है। ज्योतिषाचार्य डॉ संजय गील के अनुसार श्रीमद्भागवत के मुताबिक ये श्रीकृष्ण का पसंदीदा महीना है। इस महीने में भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की विशेष पूजा होती है।

साथ ही इस महीने में तीर्थ स्नान करने से पुण्य मिलता है और हर तरह के रोग, शोक और दोष दूर होते हैं। मार्गशीर्ष मास में श्रद्धा और भक्ति से प्राप्त पुण्य के बल पर हमें सभी सुखों की प्राप्ति होती है। ज्योतिष के हिसाब से इस महीने का संबंध मृगशिरा नक्षत्र से है। 27 नक्षत्रों में से एक है मृगशिरा नक्षत्र। इस माह की पूर्णिमा मृगशिरा नक्षत्र से युक्त होती है। इसी वजह से इस मास को मार्गशीर्ष मास कहा गया है। इस महीने में तीर्थ और पवित्र नदियों में नहाने की परंपरा है। इस महीने में कालभैरव अष्टमी, श्रीराम जानकी विवाह दत्तात्रेय प्राकट्य और गीता जयंती जैसे बड़े व्रत व पर्व भी रहेंगे।

28 नवंबर : विवाह पंचमी है। 8 दिसंबर तक मार्गशीर्ष, पूर्णिमा को मृगशिरा नक्षत्र 3 दिसंबर: इस दिन मोक्षदा एकादशी है। पुराणों के मुताबिक इस एकादशी व्रत से मोक्ष मिलता है। इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा होती है। इस तिथि पर गीता जयंती भी मनाते हैं। 7 दिसंबर: इस दिन भगवान दत्तात्रेय का प्राकट्य दिवस मनेगा। इस तिथि को भगवान दत्तात्रेय का अवतार हुआ था। इस दिन अगहन पूर्णिमा सुबह 8 बजे से शुरू होगी। 8 दिसंबर: इस दिन मार्गशीर्ष पूर्णिमा रहेगी। इस तिथि पर पवित्र नदियों में स्नान और जरूरतमंद लोगों को दान करने की परंपरा है।

खबरें और भी हैं...