जांच की मांग:दलोट में 24 लाख के तीन सोलर पनघट प्रोजेक्ट नाकारा, ग्रामीणों का आरोप - घटिया सामग्री का उपयोग किया

दलोट2 महीने पहले
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तहसील के सबसे बड़े कस्बे दलोट में सोलर पनघट योजना के तहत पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए करीब 8 लाख रुपए की लागत से तीन जगह स्वीकृत की गई थी।

इसमें कालापानी रोड, जैन मंदिर के सामने तथा रतलाम रोड पर 2000 लीटर की एक बड़ी टंकी पर सौर ऊर्जा संचालित मोटर और एक ट्यूबवेल खोदकर स्वचालित पानी सप्लाई की व्यवस्था के लिए सोलर प्रोजेक्ट लगाया था। लेकिन यह सोलर प्रोजेक्ट कुछ दिन ही चले और खराब हो गए जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि यह पूरा प्रोजेक्ट 24 घंटे पानी की सप्लाई के लिए लगाया गया था। यह प्रोजेक्ट बारिश के समय सितंबर महीने में सन् 2000 में लगाया गया था, चूंकि उस समय वर्षा हो रही थी इसलिए पानी की उपलब्धता का पता ही नहीं चला कि प्रोजेक्ट बंद है या चालू। बारिश के मौसम में पानी बरसने से टंकियों में पानी एकत्रित होकर प्रोजेक्ट के नलों में पानी आता रहा।

वहीं बारिश में पानी की खपत भी कम होती, इसलिए थोड़ा बहुत पानी का उपयोग होता रहा लेकिन बरसात के बाद प्रोजेक्ट बंद हो गया तो लोगों को पता लगा कि यह प्रोजेक्ट कालापानी रोड और जैन मंदिर के पास वाला दोनों बिल्कुल बंद हैं। ग्रामीणों ने बताया कि सच्चाई यह है कि करीब 8-8 लाख के यह सोलर प्रोजेक्ट घटिया सामग्री के चलते 8 दिन भी नहीं चले और बंद होकर नाकारा पड़े हैं। बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद इस योजना से एक बूंद भी पानी नहीं मिला।

फिलहाल ट्यूबवेल की मोटर भी बंद है। दलोट कस्बे के लोगों ने बताया कि उक्त प्रोजेक्ट बंद होने की सूचना ग्राम पंचायत, जलदाय विभाग और अन्य अधिकारियों को दी गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं होने और समस्या बरकरार रहने पर पोर्टल पर भी शिकायत की। इसके बाद कंपनी के ठेकेदार भूपेंद्र सिंह धरियावद वाले ने लंबे समय बाद दो तीन कर्मचारियों को भेजकर थोड़ा बहुत इसे दुरुस्त किया और चले गए।

वहीं काम करने वाले मिस्त्री कहकर गए कि लोगों को एक.दो दिन में पानी मिलना शुरू हो जाएगा लेकिन पनघट प्रोजेक्ट से पानी आना शुरू नहीं हुआ। 2 साल गुजरने के बावजूद लोगों को एक बूंद भी पानी नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री अभाव अभियोग जयपुर और केंद्रीय जल मंत्री दिल्ली को पत्र लिखकर घटिया सामग्री से लगाए सोलर प्रोजेक्ट की जांच कराने की मांग के साथ पानी सप्लाई सुनिश्चित करने की मांग की है। भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों के खिलाफ जांच की भी मांग कर शीघ्र पानी सप्लाई सुनिश्चित करने को कहा है। इस संबंध में ग्रामीणों ने सोलर पनघट प्रोजेक्ट की जांच के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।

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