स्टाफ की कमी:रिक्त पदों का दंश झेल रहा उप तहसील मुख्यालय

लावासरदारगढ़19 दिन पहले
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​​आमेट उपखंड के सबसे बड़े कस्बे एवं क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा गांव लावासरदारगढ़ जो कि नायब तहसील मुख्यालय है। इस गांव में कहने को करीब-करीब सभी विभाग कार्यरत हैं पर इन विभागों में विगत कई वर्षों से महत्वपूर्ण अब तक खाली चल रहे हैं। जिससे ग्रामीणों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में उर्दू साहित्य विषय करीब 10 वर्ष पूर्व खोला था।

इस विषय को पढ़ने वाले एक भी छात्र ने अब तक विद्यालय में एडमिशन नहीं लिया है। वहीं कृषि विषय में भी रिक्त पदों के चलते छात्रों का रुझान कृषि से भटक रहा है। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में समय से प्रधानाचार्य व उप प्रधानाचार्य के पद रिक्त चल रहे हैं वही 375 छात्र-छात्राओं के अध्ययनरत रहते हुए वर्तमान में इस विद्यालय में हिंदी अनिवार्य, राजनीति विज्ञान, भौतिक विज्ञान, कृषि जीव विज्ञान, कृषि रसायन, कृषि कृषि, उर्दू साहित्य आदि प्राध्यापकों के पद लंबे समय से खाली पड़े हुए हैं।

विद्यालय में गणित, अंग्रेजी व सामान्य ज्ञान के वरिष्ठ अध्यापक के एक-एक पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं, जबकि अंग्रेजी के वरिष्ठ अध्यापक लेवल-2 का एक पद एवं अध्यापक लेवल प्रथम का एक पद भी खाली है। विद्यालय में मंत्रालयिक कर्मचारी के हिसाब से देखा जाए तो कनिष्ठ लिपिक का एक पद, प्रयोगशाला सहायक के 2 पद, पुस्तकालय अध्यक्ष का एक पद एवं सहायक कर्मचारी के 3 पद भी रिक्त ही पढ़े हुए हैं।

विद्यालय की कार्यवाहक प्रधानाचार्य गीता वराणिया ने बताया कि रिक्त पदों की सूची समय-समय पर उच्च अधिकारियों को दी जाती रही है। विद्यालय में कृषि संकाय के अध्यापन के लिए प्राध्यापक के पद रिक्त होने से छात्रों की संख्या में कमी आई है। इसी तरह राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में भी प्रधानाचार्य के पद के साथ अंग्रेजी वरिष्ठ अध्यापक, भूगोल, राजनीति शास्त्र व हिंदी के प्राध्यापक के पद भी रिक्त है। इस विद्यालय में वर्तमान में करीब 124 छात्राएं अध्ययनरत है।

उप तहसील मुख्यालय स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक का एक पद, अध्यापक लेवल वन एक पद एवं सामाजिक ज्ञान लेवल 2 का एक पद खाली पड़ा हुआ है। इस विद्यालय में करीब 175 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत है। राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सा अधिकारी का पद लगभग 2 माह से रिक्त चल रहा है।

जबकि इस अस्पताल में एलएचवी का पद विगत करीब 8 वर्ष एवं मेल नर्स प्रथम का पद लगभग 3 वर्ष, फॉर्मासिस्ट एक पद, एएनएम का एक पद भी खाली पड़ा है। आयुर्वेद अस्पताल में चिकित्सा अधिकारी का पद करीब 4 वर्ष एवं परिचारक का पद लगभग 7 वर्ष से खाली पड़ा है। आयुर्वेद अस्पताल मुरडा में चिकित्सक का पद लगभग 10 वर्ष, कंपाउंडर का पद लगभग 4 वर्ष एवं परिचारक का पद लगभग 2 वर्ष से रिक्त चल रहा है। पर ग्रामीणों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाए जाने के लिए प्रत्येक सोमवार एवं मंगलवार को विभाग द्वारा अस्थाई तौर पर चिकित्सक को यहां भेजा जा रहा है।

इसी तरह आयुर्वेदिक चिकित्सालय गलवा पर कंपाउंडर का पद करीब 10 वर्षों से एवं परिचारक का पद भी लगभग 10 वर्षों से खाली पड़ा हुआ है। उप तहसील मुख्यालय यूं तो आमेट उपखंड की 20 पंचायतों में से तेरह पटवार मंडल सरदारगढ़ नायब तहसील क्षेत्र में आते हैं पर पटवारियों की कमी के चलते सरदारगढ़ नायब तहसील क्षेत्र के 13 पटवार मंडलों में मात्र 4 पटवारी ही कार्यरत हैं। ऐसे में औसत एक पटवारी के जिम्मे में तीन पटवार मंडल का जिम्मा बना हुआ है। इस व्यस्तता के कारण ग्रामीणों के राजस्व संबंधी कार्य समय पर पूरे नहीं हो पा रहे हैं।

अजमेर विद्युत वितरण निगम के कनिष्ठ अभियंता कार्यालय सरदारगढ़ के अधीन सीमाल, गलवा एवं ओलना खेड़ा गांव में लाइनमैन के पद खाली चल रहे हैं। वही स्थानीय पशु चिकित्सालय में लंबे समय से पशु चिकित्सक का महत्वपूर्ण पद खाली पड़ा हुआ है। यहां विगत कुछ माह से प्रतिनियुक्ति पर लगाए राछेटी के पशु चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में हेल्पर व पंप ड्राइवर के 3 पद रिक्त चल रहे हैं।

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