राज्य अनुसूचित जाति आयोग अध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन:टीएसपी क्षेत्रों में पुनः बहाल किया जाए एससी वर्ग का 16 प्रतिशत आरक्षण कोटा

राजसमंद2 महीने पहले
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डॉ. अंबेडकर अनुसूचित जाति अधिकारी कर्मचारी एसोसिएशन (अजाक) ने राज्य अनुसूचित जाति आयोग अध्यक्ष खिलाड़ीलाल बैरवा को ज्ञापन देकर जिले में जनजाति उप योजना क्षेत्र (टीएसपीए) में एससी वर्ग का आरक्षण कोटा 16 प्रतिशत पुनः बहाल करने तथा इस आशय से राज्य सरकार ने पूर्व में जारी अधिसूचना में संशाेधन व एससी वर्ग के कार्मिकों की पदोन्नति करने की मांग की।

अजाक जिलाध्यक्ष पीके बुनकर, राष्ट्रीय दलित मानवाधिकार अभियान जिला संयोजक एसएल भाटी, अखिल भारतीय भीमसेना जिलाध्यक्ष लालूराम बैरवा सहित प्रतिनिधियों ने मंगलवार को यहां आए एससी आयोग अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा तथा मौखिक रूप से भी समस्या से अवगत कराया। ज्ञापन में बताया कि पूर्व में राज्य सरकार की ओर से जारी दो अधिसूचनाओं के जरिए टीएसपी अन्तर्गत अधिसूचित क्षेत्रों में राज्य सेवाओं को छोड़कर अन्य सभी सरकारी एवं शैक्षणिक संस्थाओं की सीटों पर अनुसूचित जनजाति को 45 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति को 5 प्रतिशत एवं शेष 50 प्रतिशत अनारक्षित वर्ग के लिए आरक्षित किया हैं।

संशाेधन जनजाति उप योजना क्षेत्र में निवास करने वाले एससी वर्ग की सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक हितों के खिलाफ है। कहा कि संविधान में अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के लिए सरकारी सेवाओं एवं शिक्षण संस्थाओं में प्रदत्त आरक्षण व्यवस्था के अनुरूप राज्य में अनुसूचित जाति को 16 एवं अनुसूचित जनजाति को 12 प्रतिशत आरक्षण प्रावधान संवैधानिक रुप राज्य को एक इकाई मानकर किया हैं।

रोष जताते हुए कहा कि उक्त संवैधानिक प्रावधान होने के बावजूद राज्य में कार्मिक विभाग की ओर से अधिसूचनाएं जारी कर अनुसूचित जाति वर्ग के आरक्षण के संवैधानिक हक को छीनकर केवल सामान्य व जनजाति वर्ग को लाभ दिया है जो पूरी तरह से असंवैधानिक हैं।

पदाधिकारियों ने आयोग अध्यक्ष से टीएसपी क्षेत्र में निवासरत एससी वर्ग के हितों के मद्देनजर तत्काल इस संबंध में कार्रवाई कराने की पुरजोर मांग की। इस पर आयोग अध्यक्ष बैरवा ने इसका उचित हल निकालने का विश्वास दिलाया। इस दौरान पूर्व एससी प्रकोष्ठ अध्यक्ष परसराम पोरवाड़, शंकरलाल खटीक, पेंशनर समाज जिलाध्यक्ष किशन कबीरा सहित अन्य पदाधिकारी व सदस्य माैजूद थे।

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