दाेस्त काे किया गिरफ्तार:हत्या के मामले में सजायाफ्ता कैदी ने खुली जेल से बाहर दाेस्त के साथ शराब पार्टी की, गला दबाकर कर दी हत्या

राजसमंद5 महीने पहले
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नाथद्वारा थाना क्षेत्र में गुंजाेल स्थित एसआर पेट्राेल पंप के पीछे खंडहर कमरे में युवक का सड़ा गला शव िमलने के मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने हत्या के आराेप में उसी के दाेस्त काे गिरफ्तार किया है। बड़ी बात यह है कि आराेपी युवक पहले से एक महिला की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। जेल में आचरण अच्छा हाेने पर उसे खुली जेल में भेज दिया था। आराेपी 11 अगस्त रक्षाबंधन के दिन खुली जेल से निकल कर दाेस्त की हत्या की और वापस जेल में आ गया।

थानाधिकारी पूरणसिंह राजपुराेहित ने बताया कि परावल निवासी देवीसिंह पुत्र भंवरसिंह काे मादरेचाें का गुड़ा निवासी खीमसिंह की हत्या के आराेप में गिरफ्तार किया। आराेपी देवीसिंह 11 अगस्त रक्षाबंधन के दिन खुली जेल से सुबह निकला और मृतक खीमसिंह उर्फ अजयसिंह काे फाेन कर अपने उधार दिए रुपए मांगे। खीमसिंह रुपए लेकर लालबाग पहुंचा। जिस पर आराेपी देवीसिंह ने कहा कि रुपए लेकर गुंजाेल आ जाआे। बारीश ज्यादा है, इसलिए वह लालबाग नहीं आ सकता।

फाेन करने के बाद खीमसिंह गुंजाेल आया और आराेपी काे तीन हजार रुपए उधार चुकाए। उसके बाद बारीश तेज हाेने पर दाेनाें ने शराब पीने की साेची। गुंजाेल शराब ठेके से शराब खरीदी और पेट्राेल पम्प के पीछे खंडहरनुमा कमरे में गए और शराब पीने लगे। शराब पीते समय आराेपी देवीसिंह ने खीमसिंह काे अपनी बहन से दूर रहने काे कहा।

जिस पर मृतक खीमसिंह ने कहा तेरी बहन की कीमत बाेल शादी ताे मैंं ही करुंगा। बहन की कीमत बाेलने काे लेकर दाेनाें के बीच आपसी विवाद हाे गया और पास ही बड़ा पत्थर पड़ा हाेने पर आराेपी देवीसिंह ने उठाकर खीमसिंह के गर्दन पर मारा। जिससे खीमसिंह नीचे गिर गया। देवीसिंह ने आवेश में आकर खीमसिंह के कपड़े खाेलकर बनियान से गला दबाकर हत्या कर दी।

पुलिस ने शक किया ताे हाे गया फरार, साइबर टीम ने जाेड़ी कड़ियां

हत्या के मामले की जांच के दाैरान पुलिस काे पता चला कि मृतक व आराेपी काे शराब दुकान पर साथ देखा गया था। इस पर पुलिस खुली जेल में आराेपी से पूछताछ करने पहुंची। आराेपी ने हत्या की बात से इनकार कर दिया। लेकिन आराेपी 14 अगस्त काे खुली जेल से फरार हाे गया। जेल से सूचना पर राजनगर थाने में प्रकरण दर्ज करवाया। राजनगर पुलिस की तलाश के भय से आराेपी ने 18 अगस्त काे वापस जेल में आकर आत्मसमर्पण कर दिया।

जेल प्रशासन ने राजनगर पुलिस काे सूचना दी और राजनगर पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उदयपुर जेल में भेज दिया। शक पुख्ता हाेने पर पुलिस ने माेबाइल लाेकेशन व काॅल डिटेल निकलवाई। इससे पुलिस का शक पुख्ता हाे गया। इसके बाद आराेपी काे प्राेडक्शन वारंट से जेल से गिरफ्तार कर पूछताछ की ताे आराेपी ने जुर्म कबूल कर लिया।

2012 में महिला की हत्या कर जेवर लूटे थे

आराेपी देवीसिंह पूर्व में 29 जुलाई 2012 में परावल में नाेजीबाई पत्नी लटूर गमेती की घर में पैर काटकर चांदी की कड़ियां लूट कर ले जाने के आराेप में हत्या, लूट और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में आजीवन की सजा काट रहा है। जेल में अच्छे आचरण के कारण सरकार ने 21 अप्रैल 2022 बीकानेर से राजसमंद ऑपन जेल में शिफ्ट कर दिया। ताकि परिजनाें से आसानी से मिलकर स्वयं का व्यापार कर सके। आराेपी प्रतिदिन खुली जेल से घर जाता और शाम काे वापस आ जाता था। 11 अगस्त सुबह निकला और शाम काे वापस आ गया। इसी प्रकार से 12 व 13 अगस्त काे जेल में रहा।

यह था मामला : नाथद्वारा के गुंजोल स्थित एसआर पेट्रोल पंप के पीछे 4 सितंबर देर रात को युवक का सड़ा गला शव मिला था। काफी दिनों से शव पड़ा होने के कारण बदबू आ रही थी। मृतक 11 अगस्त रक्षाबंधन के दिन घर से नाथद्वारा जाने के लिए निकला था। दाे दिन घर नहीं आने पर 14 अगस्त काे परिजनाें ने गुमशुदगी और अपहरण की धाराओं में प्रकरण दर्ज करवाया था।

5 सितंबर काे मृतक की पहचान खीमसिंह के रूप में हुई। परिजनों ने बताया कि 11 अगस्त रक्षांबधन के दिन युवक सुबह नाथद्वारा आया था। दोपहर 3 बजे पिता को फोन कर नाथद्वारा से घर आने की बात कही, लेकिन वह घर नहीं पहुंचा। युवक की मोटर साइकिल 12 अगस्त को करजियाघाटी रोड किनारे पड़ी मिली थी।

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