औषधियुक्त पांच हजार लडडू बनाकर वितरण किया:गोवंश के लिए दाधीच समाज ने वितरित किए औषधियुक्त लड्डू

राजसमंद6 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

दाधीच सेवा संस्थान कांकरोली की ओर से गोवंश में फैल रहे लंपी रोग की रोकथाम और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाने के लिए आयुर्वेदिक औषधियुक्त पांच हजार लडडू बनाकर वितरण किया गया। आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. महेशदत्त दाधीच, डॉ. विनोद सेनी के मार्गदर्शन में दाधीच समाज के सदस्यों ने रविवार को स्काईलैंड होटल में गोवंश में फैल रही लंपी बीमारी के रोकथाम के लिए समाजजनों ने स्वयं आयुर्वेदिक औषधियों से युक्त लड्डू बनाए गए।

डॉ. महेशदत्त दाधीच ने बताया कि ये लड्डू कालमेघ चूर्ण, काला नमक, हल्दी, काली मिर्च, लोंग, मैथी, नीम गिलोय, अजवायन, दालचीनी, सौंठ, सूखा धनिया, कालीजीरी, बाजरे का आटा, आंवला, गुड़, सरसों का तेल, कपास्या तेल, तुलसी अर्क आदि कई औषधियों को मिलाकर करीब 200 किलो का मिश्रण कर करीब पांच हजार लड्डू तैयार किए गए। समाज अध्यक्ष सतीश व्यास ने बताया कि इन लड्डुओं का वितरण श्रीकृष्ण गौशाला मादड़ी में गौशाला अध्यक्ष जगदीश चन्द्र लड्ढ़ा, कुंवारिया छापर वाले हुनमानजी गौशाला में जाकर वितरण किए गए।

इस दौरान मधुसूदन व्यास, डॉ. रामस्वरूप आचार्य, श्याम जोशी, डॉ. परमेश्वर आचार्य, मुरली मनोहर आचार्य, अशोक त्रिपाठी, बसन्त दाधीच, पवन दाधीच आदि बड़ी संख्या में दाधीच समाजजन उपस्थित थे। समाज के सचिव रमेश आचार्य ने बताया कि उक्त औषधियुक्त लड्डू समीपस्थ गांवों एवं नगर में भी वितरित किये जाएंगे।

लंपी महामारी से ग्रसित और अन्य स्वस्थ गाेमाता की रक्षा और रोग निदान के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पीपली आचार्यान में घर-घर जाकर औषधीय लड्डू गाेमाता को खिलाए। अखिल भारतीय साहित्य परिषद के चित्तौड़ प्रांत उपाध्यक्ष सतीश आचार्य ने बताया कि कार्यकर्ताओं ने लगभग 100 गोवंश को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए लड्डू वितरित भी किए। इस दाैरान शिवप्रकाश नवाल, भगवानलाल कुमावत, रमेश जैन, श्यामलाल टांक, पवन वैष्णव, राम स्वरुप वैरागी, कमलेश आचार्य सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

लावासरदारगढ़। गलवा निवासी भामाशाह पतासी देवी खरवड़ की ओर से गायों के आयुर्वेदिक लड्डू बनाकर वितरण किए गए। भामाशाह कार्ड ग्रामीणों द्वारा सम्मान किया गया। कुंवारिया। लंपी बीमारी की राेकथाम के लिए रविवार काे कस्बे की महिलाएं कस्बे के हरकी मगरी स्थित चावंड़ा माता के दर्शन करके पशुओं में लंपी बीमारी काे दूर करने की कामना की गई।

कस्बे के जाट माेहल्ला, पूर्बिया माेहल्ला आदि से कई सारी महिलाएं चावंड़ा माता मंदिर में माताजी की पूजा अर्चना करके लंपी बीमारी काे समाप्त करने की कामना की गई। कई सारी ग्रामीण महिलाओं ने अपनी पशुधन काे बचाने के लिए व्रत उपवास भी रखे। मंदिर में महिलाओं ने सत्संग भी किया।

खबरें और भी हैं...