महर्षि नारद जयंती पर पत्रकारों व साहित्यकारों का हुआ सम्मान:डॉ. मनोज बहरवाल बोलें- महर्षि नारद सकारात्मक संवाद के पक्षधर हाेकर असुरों व देवताओं के मध्य करते थे संवाद

राजसमंद2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

विश्व संवाद केंद्र राजसमंद ने मंगलवार काे आद्य संवाददाता महर्षि नारद की जयंती पर कार्यक्रम किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आईडाणा निवासी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल से सेवानिवृत्त सहायक उप निरीक्षक शंभूसिंह राव व मुख्य वक्ता राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मनोज बहरवाल थे। मंचासीन अतिथियों का परिचय व सम्मान के बाद 44 पत्रकारों व साहित्यकारों का सम्मान किया।

मुख्य वक्ता डॉ. मनोज बहरवाल ने नारदजी के व्यक्तित्व पर पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नारद जी को आद्य संवाददाता माना हैं क्योंकि वे सकारात्मक संवाद के पक्षधर थे। देवताओं व असुरों के मध्य नियमित संवाद द्वारा वे सद विचारों का प्रचार प्रसार किया करते थे, यहां तक कि वे कोई अनुचित बात पर देवताओं से भी असहमति व्यक्त कर देते थे। पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है, इस के लिए पत्रकारों पर समाज को दिशा देने का बहुत महत्वपूर्ण दायित्व हैं। सभी पत्रकारों को नारद से प्रेरणा लेते हुए सद विचारों के प्रचार में महती भूमिका निभानी चाहिए। संवाद केंद्र के जिला प्रभारी लोकेश श्रीमाली ने बताया कि कार्यक्रम में प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया, यूट्यूब चैनल, शॉर्ट फिल्म से जुड़े पत्रकारों, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंस व लेखन से जुड़े साहित्यकार माैजूद थे।

कार्यक्रम सम्मान समारोह में महेश दवे, जितेंद्र पालीवाल, हिमांशु धवल, नरपतसिंह चौहान, सुरेश भाट, जसवंतसिंह, अर्जुन पालीवाल, उदय गोपाल बडारिया, दिनेश श्रोत्रिय, आनंद श्रोत्रिय, आशीष सनाढ्य, शंभूलाल खटीक, अलकेश सनाढ्य, मनोज लोढ़ा, नीलेश पालीवाल, निकिता पालीवाल, उदित शर्मा, भूपेंद्र लोहार, विजय शर्मा, लक्ष्मणसिंह राठौड़, किशनसिंह, साहित्यकार हरकचंद्र पामेचा, डॉ. रचना तैलंग, नारायणसिंह राव, वीणा वैष्णव, मधु पालीवाल, ज्योत्सना पोखरना, नरेंद्रसिंह तंवर, डॉ. भरतसिंह, विश्व संवाद केंद्र के यशवंत भट्ट, सूर्यवीरसिंह झाला, नीरज पालीवाल, जीतेश साहू, मदन गुर्जर आदि माैजूद थे। आभार लोकेंद्रसिंह ने ज्ञापित किया एवं कार्यक्रम संचालन सुजीत त्रिपाठी ने किया।

खबरें और भी हैं...