स्थानीय लोगों के मनोरंजन:नाथद्वारा पालिका कंगाल: बजट की कमी बता दहशरे पर मेला नहीं करवा रही, सिर्फ रावण दहन ही हाेगा

राजसमंद (कांकरोली)2 महीने पहले
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बजट की कमी के कारण नाथद्वारा नगरपालिका स्थानीय लोगों के मनोरंजन के लिए मेला और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन साल में एक भी बार नहीं करवा पा रही है। इससे स्थानीय लोगों में रोष है, लेकिन विपक्ष में बैठी भाजपा भी मौन है। चर्चा है कि नाथद्वारा नगरपालिका द्वारा लाखों रुपए के लिए विकास कार्य शहर में करवाए जा रहे है, लेकिन मनोरंजन के नाम पर बजट नहीं है। बताते चले कि वर्ष में एक बार कांग्रेस शासित बोर्ड द्वारा गणगौर महोत्सव पर और भाजपा बोर्ड द्वारा दशहरा पर्व पर मेला और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाता रहा है, लेकिन वर्तमान में कांग्रेस शासित बोर्ड ने तीन साल में एक भी बार मेला नहीं लगाया। 2 साल तक कोरोना के कारण आयोजन नहीं हो सके, इसके बाद इस साल बजट की कमी के कारण आयोजन नहीं हो पा रहे है।

2017 में 3 दिवसीय मेले में 17 लाख रुपए का खर्च, आय शून्य
भाजपा शासित बोर्ड द्वारा 2017 में लगाया गया तीन दिवसीय मेला ओर सांस्कृतिक कार्यक्रम में करीब 20 लाख रुपए की राशि खर्च हुई थी, जिसमें कवि सम्मेलन पर 3 लाख 50 हजार रुपए, रावण, मेघनाथ ओर कुंभकरण के पुतलों का दहन ओर आतिशबाजी पर 1 लाख 50 हजार रुपए, शोभायात्रा पर 2 लाख रुपए, बैंड पर पचास हजार रुपए, आतिशबाजी पर एक लाख रुपए, कच्चीघोड़ी पर 25 हजार, स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम में 2 लाख, झांकी में 50 हजार रुपए खर्च हुए। कार्यक्रम में टेंट का करीब 2 लाख रुपए, लाइट व्यवस्था पर 1 लाख रुपए, चाय,नाश्ता और पानी पर 50 हजार रुपए, साउंड पर 50 हजार रुपए, फाेटो और वीडियोग्राफी पर 50 हजार रुपए, प्रचार-प्रसार पर 10 हजार रुपए, माला, उपरणा, लाडू और स्मृतिचिन्ह पर 25 हजार का खर्चा हुआ था। इसके अलावा नगरपालिका मेले में लगने वाली किसी भी अस्थाई दुकान से किराए की वसूली नहीं की जाती है, इस कारण राजस्व की आय शून्य है।

बजट की व्यवस्था कर जल्द ही भव्य आयोजन करेंगे: चेयरमैन
नाथद्वारा में पूर्व में नगरपालिका की ओर से गणगौर महोत्सव पर ही मेले का आयोजन होता है। विजयादशमी पर छापर में खाने पीने सहित मणिहारी आइटम की अस्थाई दुकानें लगाई जाएगी, जो निशुल्क रहेगी। कोरोना में पैसा खर्च हो जाने के कारण अब पालिका के पास आयोजन करवाने के लिए पैसे नहीं है। इस कारण मेला ओर सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं करवा पा रहे है। बजट की व्यवस्था कर जल्द ही भव्य आयोजन करेंगे।
- मनीष राठी, चेयरमैन

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