उपप्रधान व सदस्यों ने दूरी बनाई, बना चर्चा का विषय:कुंवारिया मेले के बैनर में राजनीति, उपप्रधान का फोटो और नाम गायब

राजसमंद (कांकरोली)2 महीने पहले
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कुंवारिया में पांच दिवसीय जोहिड़ा भैरू सांस्कृतिक मेले का आयोजन राजसमंद पंचायत समिति कर रही है। नई चुनी हुई पंचायत समिति को दो साल हो गए हैं। पूर्व में कोरोना की वजह से मेला नहीं लगा। प्रथम बार मेले का आयोजन हो रहा है, इसमें भी राजनीति गहरा गई है। मेला आयोजन से पूर्व प्रधान ने किसी प्रकार की कोई बैठक नहीं बुलाई। ना ही मेला प्रचार सामग्री पर प्रधान के अलावा उपप्रधान या पंचायत समिति सदस्यों के नाम या फोटो लगाए। ऐसे में उपप्रधान व सदस्यों ने मेले से दूरी बना ली है।

मेले में राजनीतिक रंग दिखाई दे रहा है। विवाद की शुरुआत तब हुई, जब मेले के अंदर ग्राम पंचायत घाटी लिख दिया गया। जबकि यह मेला पंचायत समिति राजसमंद द्वारा आयोजित होता है। जन विरोध के बाद ग्राम पंचायत घाटी का नाम हटाया गया। हर बार मेले से पहले सभी सदस्यों की तैयारी बैठक में जिम्मेदारियां तय की जाती है। परंतु इस बार ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। अकेले प्रधान ने मेले की कमान संभाल रखी है। वहीं उप प्रधान व पंचायत समिति सदस्यों के नाम तक मेले में लगे स्वागत बैनरों से गायब हैं। दोनों मुख्य मेले के द्वारों पर लगे स्वागत बैनर में केवल प्रधान अरविंद सिंह का फोटो है।

मेला आयोजन को लेकर किसी प्रकार की पूर्व में कोई बैठक नही हुई। सभी सदस्यों को फोन पर मेला आयोजन की जानकारी दी। जबकि मेला प्रचार सामग्री में पहले भी प्रधान के साथ उपप्रधान व सदस्यों के नाम अंकित किए जाते थे। लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया गया।-सुरेश कुमावत, उपप्रधान, पंचायत समिति राजसमंद।

इस बार समय अभाव के कारण बड़ी बैठक नहीं बुलाई गई। प्रचार सामग्री पर प्रधान व बीडीओ के फोटो व नाम अंकित होते रहे हैं, इसके अलावा किसी नाम फोटो नहीं लगता है। मेला निमंत्रण पत्र में सभी सदस्यों के नाम लिखे गए।अरविंद सिंह राठौड़, प्रधान पंचायत समिति राजसमंद।

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