रावण दहन से पहले चला अग्निचक्र:छाती पर घूमा चिंगारियों का गोला, फिर मुंह व आंख से निकली ज्वाला

राजसमंद2 महीने पहले
राजनगर में 35 फीट के रावण के पुतले का दहन।

विजय दशमी पर राजनगर में पुराने बस स्टैण्ड परिसर में नगर परिषद द्वारा बनाए गए 35 फीट ऊंचे रावण का देर रात्रि को दहन किया गया। इस दौरान भारी तादाद में शहर सहित आसपास के गांवों से रावण के पुतले का दहन देखने के लिए भीड़ उमड़ी।

रात्रि करीब 9 बजे राजनगर के सत्य नारायण मंदिर से राम-लक्ष्मण व हनुमान के साथ श्रीराम सेना की झांकी रावण दहन के लिए रवाना हुई, जो दाणी चबूतरा, सदर बाजार, शीतला माता मंदिर, कबूतर खाना होते हुए राजनगर पुराने बस स्टैण्ड पर स्थित नर्मदेश्वर महादेव पहुंची जहां पर महादेव की पूजा अर्चना कर पास में ही बनाए गए रावण के पुतले के दहन के लिए रवाना हुए। इस दौरान करीब आधे घंटे तक आसमान में रंग बिरंगी आतिशबाजी की गई। वहीं रावण दहन के दौरान रामायण की चौपाइयां भी डीजे पर चल रही थीं। जिससे वातावरण राम मय बन गया।

श्रीराम सेना ने भी रावण के पुतले पर प्रहार किए और बाद में परंपरानुसार श्रीराम द्वारा रावण पर तीर चलाकर दहन प्रारंभ किया। इस बार रावण के पुतले के दहन से पूर्व रावण की छाती पर पहले अग्नि का चक्र चला जो पहली बार यहां के लोगो को देखने को मिला। उसके बाद मुंह व आंखों से अग्नि की ज्वाला निकली और बाद में आतिशी विस्फोट के साथ रावण का पुतला जलना प्रारंभ हुआ।