बरसाती पानी से स्टूडेंट्स की राह मुश्किल:स्कूल के गेट पर भरा पानी, गर्ल्स बोलीं-शूज हाथ में लेकर जाते हैं

राजसमन्द4 महीने पहले
बरसाती पानी से गुजरती छात्राएं।

राजसमंद में रेलमगरा उपखण्ड क्षेत्र में कांकरोली मार्ग पर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय स्कूल की छात्राएं पढ़ाई के लिए बरसाती पानी से गुजरने को मजबूर हैं। छात्राओं के शूज गीले न हों इसके लिए पहले उनको शूज खोलकर हाथ में लेने पड़ते हैं, फिर नंगे पाव पानी से गुजर कर स्कूल तक पहुंचना उनकी रोज की मजबूरी है।

आवासीय स्कूल में कक्षा 6 से 12 तक की छात्राएं रहती हैं। जहां कक्षा 6 से 8 तक की पढ़ाई इसी स्कूल में चलती है। जबकि कक्षा 9 से 12 तक की गर्ल्स को पढ़ाई के लिए करीब 1 किमी दूर दूसरे स्कूल राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में जाना पड़ता है।

आवासीय स्कूल का भवन सड़क मार्ग से नीचे है। ऐसे में स्कूल के गेट पर बरसात के दिनों में पानी जमा हो जाता है। जिसके कारण कक्षा 9 से 12 तक गर्ल्स को दूसरे स्कूल में पहुंचने के दौरान दिक्कतों का सामना करता पड़ता है।

स्कूल के मेन गेट पर पानी भरा है। छात्राओं को जूते हाथ में लेकर चलने पड़ते हैं।
स्कूल के मेन गेट पर पानी भरा है। छात्राओं को जूते हाथ में लेकर चलने पड़ते हैं।

यहां की गर्ल्स अध्ययन के लिए अन्य विद्यालय में जाने के लिए तैयार तो होती हैं लेकिन जूते नहीं पहन सकती। गर्ल्स अपने स्कूल बैग के साथ शूज को हाथ में लिए आवासीय विद्यालय से मुख्य सड़क मार्ग तक पहुंचती हैं और सड़क पर बैठकर शूज पहनती हैं।

बारिश बंद होने के बाद पानी कीचड़ में तब्दील हो जाता है। जिससे गर्ल्स की परेशानियां और बढ़ जाती हैं। विद्यालय के संस्था प्रधान ने इस समस्या को लेकर कई बार जिम्मेदार अधिकारियों को जानकारी दी। लेकिन आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला।

इस मामले को लेकर नोडल अधिकारी उषा टेलर का कहना है कि बरसाती पानी से गर्ल्स को होने वाली समस्या की जानकारी दी जा चुकी है। लेकिन समाधान नहीं हुआ है, पुनः लिखित रूप से सूचित किए जाने की कार्यवाही करेंगे।