गर्मी से बढ़ी बिजली की खपत:सवाईमाधोपुर को हर दिन 8 लाख यूनिट कम, ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा परेशानी

सवाईमाधोपुर5 महीने पहले
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सवाई माधोपुर खेरदा बिजली पावर। - Dainik Bhaskar
सवाई माधोपुर खेरदा बिजली पावर।

राजस्थान में भीषण गर्मी का दौर जारी है। तेज गर्मी के चलते कूलर, एसी चलने की वजह से रोजाना बिजली की खपत बढ़ गई है। सवाईमाधोपुर में सामान्य दिनों के 20 लाख यूनिट से बढ़कर करीब 32 लाख यूनिट रोजाना पर पहुंच गई है। मांग के मुकाबले सप्लाई नहीं मिलने से शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में बिजली कटौती की जा रही है। तेज गर्मी व प्रभावी मेंटिनेंस नहीं होने से बिजली लाइनों, ट्रांसफॉर्मरों आदि में फॉल्ट भी बढ़ गए है। इसी के साथ कम वोल्टेज की समस्या आने लगी है।

अन्य मौसम में सामान्य दिनों में जहां काफी कम बिजली की जरूरत होती है। जबकि अब तेज गर्मी के चलते एसी और कूलर चलने से खपत बढ़ती जा रही है। गर्मी की वजह से घरों से लेकर दुकानों, सरकारी और प्राइवेट ऑफिसों में एसी कूलर चलने से खपत काफी बढ़ गई है। सरकारी और प्राइवेट ऑफिस में बड़ी संख्या में एसी चल रहे हैं। कई घरों में तो तीन से पांच कूलर चल रहे हैं। वहीं अस्पताल, होटल, बैंक अन्य कार्यालयों में भी कूलर और एसी चल रहे हैं। ऐसे में बिजली की खपत बढ़ गई है। जिले में बिजली खपत करीब 30 प्रतिशत तक बढ़ गई है।

बिलों से पड़ेगा जेब पर असर
बिजली नियम के अधिकारियों के अनुसार हर साल सामान्य मध्यमवर्गीय परिवार में अप्रेल माह में औसतन 100 से 150 यूनिट बिजली की खपत होती है। जो इस बार 180 से 250 यूनिट तक रही है। यह खपत मई माह में और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में इस बार के बिल लोगों को भारी पड़ेंगे।

रोजाना 80 से ज्यादा शिकायत
इन दिनों गर्मी में बिजली कटौती, फॉल्ट सहित अन्य समस्याओं को लेकर जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड खैरदा कार्यालय पर जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिदिन 80 से अधिक शिकायतें सम्पर्क पोर्टल पर आ रही है। वहीं निगम कार्यालय में भी करीब 80 से अधिक शिकायतों के साथ फोन भी आ रहे है। कोयले के संकट से पहले जिले में औसतन 30 से 40 ही प्रतिदिन शिकायत आती थी लेकिन अब कटौती होने से दुगुनी शिकायतें आ रही है।

आठ लाख यूनिट कम मिल रही बिजली
कोयले की कमी का असर जिले पर भी पड़ रहा है। जिले के कई गांवों में तेज गर्मी के बीच कटौती से लोग परेशान है। बिजली निगम के अनुसार जिले को 32 लाख यूनिट बिजली की आवश्यकता है, जबकि वर्तमान में महज 24 लाख यूनिट बिजली ही उपलब्ध हो रही है। अब इसकी भरपाई कटौती से की जा रही है। इसी का नतीजा है कि गांवों में बत्ती गुल हो रही है।

शिकायतों का हो रहा समाधान
खेरदा डिस्कॉम के अधिशासी अभियंता सतीश अग्रवाल ने बताया कि संपर्क पोर्टल पर आ रही शिकायतों की मॉनीटरिंग नियमित रूप से कर रहे है और संबंधित कर्मचारियों को बोलकर शिकायतों का निस्तारण कर रहे है। फॉल्ट व अन्य समस्याओं की शिकायतों का भी निस्तारण किया जा रहा है।