सवाईमाधोपुर में खाद का संकट:25 की जगह केवल पांच मैट्रिक टन मिला, किसान फसलों की बुवाई के लिए परेशान

सवाई माधोपुर24 दिन पहले
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कार्यालय उपनिदेशक कृषि सवाई माधोपुर। - Dainik Bhaskar
कार्यालय उपनिदेशक कृषि सवाई माधोपुर।

सवाईमाधोपुर में रबी की बुवाई के साथ ही खाद किल्लत आ गई है। कृषि विभाग ने अक्टूबर महीने में 25 हजार मैट्रिक टन खाद की मांग की थी। उसमें से केवल 5 हजार मैट्रिक टन खाद ही मिला है। खाद नहीं मिलने से अब किसान परेशान है।

सवाईमाधोपुर में संचालित कुल 165 सहकारी समितियों में इन दिनों खाद की किल्लत है। इन दिनों सभी गोदाम खाद की किल्लत के चलते खाली पड़े है। बहुत कम सहकारी समितियों पर यहां खाद उपलब्ध है। कृषि विभाग नेअक्टूबर महीने में 25 हजार मैट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट, डीएपी व यूरिया खाद की डिमांड भेजी है। जबकि इस बार जिले में 3 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में रबी की बुवाई का लक्ष्य है।

जिले में खाद का पूरा गणित
सवाई माधोपुर में रबी फसल के लिए 40 हजार मैट्रिक टन खाद की जरूरत है। कृषि विभाग ने 25 हजार मैट्रिक टन मांग पत्र के प्रस्ताव भेजे है। फिलहाल जिले में कुल 165 सहकारी समितियां है। इसी के साथ ही जिले में कुल 200 खाद-बीज की दुकान है।

जिले में इस बार अच्छी बारिश से सरसों, चना गेहूं की अधिक बुवाई होगी। जबकि कृषि विभाग ने महज 25 हजार मैट्रिक टन की ही सरकार से डिमांड की है। विभाग ने अक्टूबर महीने में सिंगल सुपर फॉस्फेट 10 हजार मैट्रिक, डीएपी 10 हजार मैट्रिक टन, यूरिया 5 हजार मैट्रिक टन की डिमांड भेजी है। ऐसे में यह खाद किसानों के लिए कम पड़ेगी।

सरसों- गेहूं- चना की अच्छी बुवाई की उम्मीद
इस बार बारिश से सरसों की अच्छी बुवाई होने की उम्मीद है। इस बार कृषि विभाग ने जिले में 1 लाख 70 हजार हैक्टेयर में सरसों बुवाई का लक्ष्य रखा है। जबकि पिछले साल सरसों बुवाई का रकबा 1 लाख 38 हजार हैक्टेयर में ही रखा गया था। ऐसे में इस बार 32 हजार हैक्टेयर में सरसों की ज्यादा बुवाई होनी है। इसी तरह जिले में 85 हजार हैक्टेयर में गेहूं बुवाई का लक्ष्य रखा गया है। जबकि पिछले साल गेहूं बुवाई का रकबा 75 हजार हैक्टेयर में था। ऐसे में इस बार गेहूं बुवाई भी 10 हजार हैक्टेयर में ज्यादा है।

मामले में रामराज मीणा उप निदेशक कृषि विभाग का कहना है कि जिले के लिए अक्टूबर महीने में 25 हजार मैट्रिक खाद की डिमांड सरकार को भेजी थी। जिसमें से पांच हजार मैट्रिक टन खाद आया है। जल्द ही जिले में बची खाद की रैक पहुंच जाएगी।