पुलिस की मिलीभगत - अवैध बजरी खनन:बौंली के तत्कालीन एसएचओ व सहयोगी के खिलाफ केस दर्ज

सवाई माधोपुर24 दिन पहले
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  • अवैध बजरी खनन की सूचना देने वालों पर ही झूठा केस बनाने का आरोप

बौंली क्षेत्र में अवैध बजरी खनन व परिवहन को लेकर पुलिस की मिलीभगत का एक मामला सामने आया है। इस मामले में अवैध बजरी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने वाले दो लोगों पर पुलिस ने आपराधिक षडयंत्र रचकर उल्टा उन पर ही मुकदमे दर्ज कर दिए। इसको लेकर पीड़ित दोनों परिवादियों ने कोर्ट की शरण ली ताे इस्तगासे के आधार पर बौंली थाने के तत्कालीन एसएचओ श्रीकिशन मीना व उनके सहयोगी मानसिंह गुर्जर निवासी जटावती के खिलाफ मामला दर्ज हुआ। मामले की बामनवास डिप्टी तेजकुमार पाठक काे जांच साैंपी है।

यह है मामला : जटावती गांव निवासी भरतलाल, मदनलाल पुत्र स्वर्गीय रघुवीर मीणा ने कोर्ट में दर्ज इस्तगासा के जरिए दी रिपोर्ट में बताया कि वे 12 जून को बौंली से अपने गांव जटावती जा रहे थे। रास्ते में दिल्ली-मुंबई हाइवे पर 12 चक्का ट्रक में अवैध रूप से बजरी परिवहन हो रहा था। उन्होंने तुरंत ट्रक को रुकवाकर बौंली पुलिस व कंट्रोल रूम को सूचना दी।

करीब 2 घंटे तक मौके पर कोई भी पुलिस अधिकारी व जवान नहीं पहुंचा तो दोनों परिवादियों ने ट्रक की चाबी को अपने साथ गांव ले गए और ट्रक को मौके पर ही छोड़ दिया। थोड़ी देर बाद बौंली थाने के तत्कालीन एसएचओ श्रीकिशन मीना उनके गांव पहुंचे और परिवादियों से अवैध बजरी परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर आश्वस्त किया और ट्रक की चाबी लेकर चले गए। इसके बाद उन्होंने सहयोगी मानसिंह गुर्जर से मिलकर ट्रक से बजरी निकालकर ट्रक में तोड़-फोड़ कर मौके पर ही खड़ा कर दिया और दोनों परिवादियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर दिया। बजरी परिवहन की सूचना देने के बाद उल्टा उन पर ही मामला दर्ज होने पर वे सकते में आ गए। उन्होंने कोर्ट की शरण लेते हुए इस मामले में इस्तगासा दायर किया और थाने में तत्कालीन एसएचओ और सहयोगी के खिलाफ केस दर्ज किया।

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