दिवाली की तैयारियां...:सफाई व रंग- रोगन का काम शुरू, मजदूर इस बार फीट के हिसाब से कर रहे पुताई

सवाई माधोपुर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

दीपावली की तैयारियों को लेकर अब घरों की सफाई का काम जोर पकड़ने लगा है। इसके चलते कोरोनाकाल में पेंट के कारोबार में छाई सुस्ती भी अब धीरे-धीरे दूर होने लगी है। हालांकि गत वर्ष की तुलना में पेंटस की कीमतों में हुई 15 से 20 फीसदी तक की वृद्धि ग्राहकों की जेब पर भारी पड़ रही है। लोगों ने अपने घरों व दुकानों को अच्छे व आकर्षक रंग से सजाना- संवारना शुरू कर दिया है। पुरानी व बदहाल दिखने वाली दीवारें कलर करने के बाद नए लुक में दिखने लगी है। दीपावली से ठीक पहले लोगों का पूरा जोर सजावट और रंगाई- पुताई पर है।
पेंट विक्रेता रामबाबू खंडेलवाल ने बताया कि अधिकांश लोगों का आकर्षक दिखने वाले रंगों पर ज्यादा फोकस है। डिस्टेंपर और ऑयल ब्रांड पेंट के चाहने वालों की संख्या कम हुई है। प्लास्टिक पेंट की ओर अधिक रुझान देखा जा रहा है। इन पेंट्स की खासियत और खूबसूरती लोगों को लुभा रही है जो इसका खर्च नहीं उठा पाते वो चाहते है कि कम से कम खर्च में घर के गेस्ट रूम में इसकी पेंटिग जरूर हो जाए। इसकी खासियत है कि दीवार पर किसी भी तरह का दाग लग जाए तो उसे पानी से धोकर या कपड़े से साफ किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि श्राद्ध पक्ष से शुरू होकर धनतेरस तक रंग-रोगन का काम चलता है।
रंगों के चयन में इंटरनेट हो रहा इस्तेमाल
आधुनिक युग में इन दिनों रंगों के चयन के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल हो रहा है। पहले रंगाई-पुताई के लिए गिने- चुने कलर ही हुआ करते थे, लेकिन अब रंगों की भरमार है। सामने इतने सारे कलर देखकर ग्राहकों के सामने दुविधा न खड़ी हो जाए, इसलिए कंपनियों की साइट्स पर ये सारे कलर उपलब्ध है। ज्यादातर ग्राहक इंटरनेट के जरिए कलर पंसद कर दुकान पर पहुंच रहे हैं। ग्राहकों की पसंद के अनुसार कलर भी मशीन से तैयार कर रहे हैं।
पुताई करने के 500-600 रु. मेहनताना
त्योहारी सीजन में पेंट‌्स की कीमतों में उछाल तो आया है, साथ ही रंगाई-पुताई करने वाले भी इस बार मजदूरी का ट्रेंड बदल रहे हैं। वे मजदूरी फीट के हिसाब से ले रहे हैं। कोई विशेष पुताई कराने या खास तकनीक पर पुताई करने वाले अधिक रेट ले रहे हैं। रोजाना के आधार पर रंगाई-पुताई करने वाले मजदूर एक दिन की 500 से 600 रुपए तक की कीमत वसूल रहे हैं जबकि पिछले वर्ष यही मजदूरी 400 से 500 रुपए थी।
200 से 450 रु. प्रतिलीटर में रंग
बाजार में इस बार कंपनी का ब्रांडेड पेंट 200 रुपए से 450 रुपए प्रति लीटर में मिल रहे हैं। डिस्टेंपर 20 लीटर की बाल्टी 900 से 1300 रुपए में मिल रही है। इसके अलावा प्लास्टिक पेंट 20 लीटर 2000 से 2200 रुपए तक में उपलब्ध है। दूसरी और चूना व गेरू का रेट 15 रुपए किलो है। सफेद सीमेंट 40 रुपए प्रति किलो है।
पेंटस की कीमत भी 15 से 20% बढ़ी
रंगों के दाम में पिछले वर्षो की अपेक्षा इस बार 15 से 20 फीसदी दाम बढ़े है। महंगाई के बावजूद लोग अपने घर-दुकान को सजाने- संवारने में संकोच नहीं कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि साल में एक बार घर को संवारने का मौका मिलता है।

खबरें और भी हैं...