वन भूमि से अतिक्रमण हटाया:खंडार-सवाई माधोपुर रोड पर 50 लाख लागत की वन भूमि से अतिक्रमण हटाया

सवाई माधोपुर16 दिन पहले
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खंडार| वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के बाद जब्ती करती वन विभाग की टीम। - Dainik Bhaskar
खंडार| वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के बाद जब्ती करती वन विभाग की टीम।
  • रणथंभाैर अभयारण्य के विस्थापित हजारीपुरा गढ़ी गांव का मामला

खंडार रणथंभाैर राष्ट्रीय अभयारण्य की सिविल न्यायालय के सामने 10 करोड़ रुपए की वन भूमि से अतिक्रमण ध्वस्त करने के बाद भूमाफियाओं के खिलाफ वन विभाग की एक और बड़ी कार्रवाई सामने आई है। वन विभाग की टीम ने खंडार- सवाईमाधोपुर मार्ग पर पंत के सामने 50 लाख रुपए की बेशकीमती वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया। दूसरी ओर, विस्थापितों का कहना है कि वन भूमि पर भूमाफियाओं का यह अतिक्रमण एक पटवारी द्वारा करवाया गया था। ऐसे में वन विभाग की इस कार्रवाई से राजस्व विभाग को एक माह में ही यह दूसरा बड़ा झटका लगा है। इससे पहले 22 अगस्त 2022 को खंडार-सवाईमाधोपुर मार्ग पर सिविल न्यायालय के सामने भी राजस्व विभाग द्वारा सीमाज्ञान कर वन भूमि पर इसी तरह माफियाओं ने खंभे गढ़वाए थे। इन्हें दो घंटे के बाद ही वन विभाग ने ध्वस्त कर दिया था। ऐसे में क्षेत्र में राजस्व विभाग की आए दिन जमकर किरकिरी हो रही है।
वन विभाग की 20 सदस्यीय टीम ने की कार्रवाई
उच्चाधिकारियों के आदेश पर बीट इंचार्ज रामकल्याण जाट के नेतृव में हाेम गार्ड, बॉर्डर होमगार्ड, स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स व स्थानीय फॉरेस्ट स्टाफ की 20 सदस्यीय टीम ने इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। मौके पर करीब 5 घंटे तक चली इस कार्रवाई के दौरान टीम में शामिल जवानों ने वन भूमि पर गाढ़े गए एक-एक खंभे को उखाड़ व ध्वस्त कर वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया। दूसरी ओर, वन विभाग की इस कार्रवाई से भूमाफियाओं में हड़कंप मच गया।
एक पटवारी पर अतिक्रमण कराने का आरोप लगाया
कार्रवाई के दौरान विस्थापितों ने वन विभाग को बताया कि भूमाफियाओं ने वन भूमि व रास्ते पर जिस समय यह अतिक्रमण किया था, उस समय वह उन्हें रोकने के लिए मौके पर पहुंचे थे। भूमाफियाओं के साथ मौके पर मौजूद खंडार तहसील के एक पटवारी ने उन्हें डरा-धमकाकर यह कहा कि यह पूरी जमीन उसने नाप ली है। उसी के अनुसार ये खंभे गाढ़े जा रहे हैं। इससे वन विभाग व उनके रास्ते का कोई लेना-देना नहीं हैं। विरोध बढ़ने पर पटवारी झूठा केस लगाने की धमकी देते हुए भूमाफियाओं के साथ निकल गया। बाद में 6-7 ग्रामीणों के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दी जिस पर पुलिस मौके पर पहुंची थी।
वन विभाग ने 5 बीघा भूमि रखी थी विस्थापितों के लिए
वन विभाग ने बताया कि विस्थापन के समय खंडार-सवाईमाधोपुर मुख्य सड़क से हजारीपुरा गढ़ी गांव तक 5 बीघा से ज्यादा वन भूमि को विस्थापितों के लिए विभाग द्वारा संरक्षित रखा गया था। इसका विस्थापित परिवार मुख्य सड़क से गांव तक पहुंचने के लिए रास्ते के रूप में उपयोग करते आ रहे थे। उक्त भूमि के सहारे अभयारण्य की चील खो का खाड़ भी निकल रहा है। भूमाफियाओं द्वारा उक्त संरक्षित भूमि पर सीमेंट के पिल्लर गाढ़कर अवैध कब्जा कर लिया गया था।

वन भूमि से अतिक्रमण हटाया, सामान जब्त

चौथ का बरवाड़ा | कस्बे के भैडोला मार्ग स्थित लाल माता मंदिर के पास वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की वन विभाग ने कार्रवाई की। यहां पर पिछले कई दिनों से वन विभाग की भूमि पर पत्थर, बांस बल्ली, फन्टे इत्यादि सामान पटक कर अतिक्रमण कर रखा था। इसकी सूचना वन विभाग को मिलने के बाद शनिवार को वनपाल शकुंतला सैनी के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई करते हुए सभी सामानों को जब्त किया। इसके साथ ही उक्त स्थान पर जब्ती का नोटिस भी चस्पा किया गया। वनपाल शकुंतला सैनी ने बताया कि वन विभाग की ओर से लगातार अवैध पत्थर खनन सहित विभाग की भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को हटाने को लेकर कार्रवाई की जा रही है। पिछले दिनों सिरोही गांव के पास भी वन विभाग की भूमि पर अतिक्रमण हटाया गया था। अवैध खनन एवं अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।

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