जिद के आगे हारी दिल की बीमारी:डॉक्टरों की जिद के आगे हारी दिल की बीमारी, ढाई साल के बच्चे को मिला जीवनदान

सवाई माधोपुर10 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

सवाई माधोपुर निवासी ढाई वर्षीय ईवांशु को बचपन से दिल में एएसडी नाम का छेद था। इसकी वजह से बच्चे को खाने पीने से लेकर चलने फिरने तक हर काम में सांस फूलती थी। करीब दो साल से परेशान बच्चे को अब इस बीमारी से बिना किसी चीर-काट के निजात मिल गया है। विश्वास हॉस्पिटल में चलने वाले नियमित कॉर्डियोलॉजी ओपीडी के डॉ. अभिमन्यु ने इस प्रक्रिया को अंजाम दिया। जयपुर हार्ट इंस्टीट्यूट में कार्यरत डॉ. अभिमन्यु के अनुसार बच्चे को दिल में 20 एमएम का बड़ा छेद था और सामान्य डिवाइस से इसे बंद करने के प्रयास पूर्व में विफल रहे थे।

डॉक्टरों की टीम ने इस जटिल समस्या को अंजाम देने के लिए डिलेटर असिस्ट नामक तकनीकी का इस्तेमाल किया और बच्चे को बिना ओपन सर्जरी किए इस गंभीर बीमारी से निजात दिलवाया। बच्चे का पूरा इलाज मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना के अंतर्गत निशुल्क किया गया। बच्चा को दो दिन बाद हॉस्पिटल से छुट्टी मिल गई और अब वह पूरी तरह स्वस्थ है। रणथंभौर सर्कल स्थित विश्वास हॉस्पिटल में हर माह के प्रत्येक पहले और तीसरे रविवार को डॉ. अभिमन्यु द्वारा हृदय रोग तथा डॉ. शिवि द्वारा मुफ्त मनोरोग की ओपीडी सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।

खबरें और भी हैं...