आत्मदाह की चेतावनी:गणेशधाम आश्रम से अतिक्रमण नहीं हटाया तो संत ने जयपुर में मंत्री के सामने दी आत्मदाह की चेतावनी

सवाई माधोपुर4 महीने पहले
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निर्माणाधीन धर्मशाला। सत्पऋषि मंदिर में लगी संत की मूर्ति, जिसे खंडित किया गया। - Dainik Bhaskar
निर्माणाधीन धर्मशाला। सत्पऋषि मंदिर में लगी संत की मूर्ति, जिसे खंडित किया गया।
  • अतिक्रमण से आहत है संत, आश्रम की 175 वर्ग फीट भूमि पर एक समाज विशेष के लोगों पर अतिक्रमण का आरोप

जिला मुख्यालय से सटे गणेश धाम आश्रम के संत हनुमान दास महाराज ने आश्रम की जमीन पर दबंगों द्वारा किए जा रहे जबरन कब्जे से आहत होकर आत्मदाह करने की चेतावनी दी है। संत की चेतावनी के बाद पुलिस एवं प्रशासन में हड़कम्प मच गया है। मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार विश्नोई ने कोतवाली थाना प्रभारी को मामले में आवश्यक एवं कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। गणेश धाम आश्रम का संत हनुमान दास महाराज आश्रम की जमीन पर दबंगों द्वारा किए जा रहे कब्जे को लेकर स्थानीय प्रशासन द्वारा सुनवाई नहीं करने के चलते गत दिवस जयपुर पहुंच गया। संत ने पीसीसी में आयोजित मंत्री महेश जोशी की जनसुनवाई में आश्रम की जमीन से दबंगों का कब्जा नहीं हटाने पर आत्मदाह करने की चेतावनी दे डाली। संत की चेतावनी पर मंत्री महेश जोशी ने पुलिस महानिदेशक एम.एल. लाठर से फोन पर बात कर संत को सुरक्षा देने व आश्रम की जमीन से दबंगों का कब्जा हटाने के निर्देश दिए। गणेश धाम आश्रम के संत हनुमान दास महाराज ने बताया कि यह आश्रम उनके गुरु प्रभुदास जी महाराज द्वारा बनाया गया था।

उनके देहांत के बाद से हनुमान दास महाराज ही आश्रम का संचालन कर रहे है। आश्रम लगभग 18 से 20 बीघा जमीन में बना हुआ है। जहां कई देवी-देवताओं के मंदिर सहित गौशाला भी संचालित हो रही है। संत हनुमान दास महाराज का आरोप है कि भूतपूर्व सरपंच सीताराम मीणा, रामधन, नंदलाल, ब्रजमोहन सहित लगभग एक दर्जन भूमाफिया एवं दबंग लोग जबरन आश्रम की जमीन पर कब्जा कर धर्मशाला का निर्माण करवा रहे है। संत का आरोप है कि गांव के ये दबंग लोग आए दिन उन्हें धमकाते है और आश्रम की बेशकीमती जमीन पर अतिक्रमण कर कब्जा कर रहे है। दबंगो ने आश्रम की 175 गुणा 175 फीट भूमि पर कब्जा कर लिया।

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