काम के नाम पर सिर्फ औपचारिकता:शहरी रोजगार गारंटी योजना में अभी तक काम के नाम पर सिर्फ औपचारिकता, 48 वार्डों में शुरू नहीं हुए कार्य

सवाई माधोपुर22 दिन पहले
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सवाई माधोपुर। खेरदा स्थित लव-कुश कॉलोनी में लगा कचरे का ढेर।‎ - Dainik Bhaskar
सवाई माधोपुर। खेरदा स्थित लव-कुश कॉलोनी में लगा कचरे का ढेर।‎
  • प्रत्येक वार्ड में बेरोजगार श्रमिकों को रोजगार देने के लिए अधिकारियों ने कार्य तो तय किए, लेकिन हर वार्ड में काम शुरू नहीं करवा पाए

मुकेश आर्य | सवाई माधोपुर शहरी रोजगार गारंटी योजना का दम कागजों से बाहर आते ही टूट गया है। जिस उद्देश्य को लेकर यह योजना शुरू की गई, उस उद्देश्य के अनुरूप बेरोजगारों को न तो रोजगार मिल रहा है और न ही वार्डों में काम हो रहा है। कुछ इसी तरह के हालात है नगर परिषद क्षेत्र में शुरू की गई इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना के काम की है नगर परिषद क्षेत्र के वार्डों में नाली, सड़क सफाई से लेकर गार्डन में घास व मुक्तिधामों में झाड़ कटाई और पार्को में पुताई से लेकर सार्वजनिक स्थानों से पोस्टर हटाने और जल संरक्षण समेत कई तरह के काम इस योजना में श्रमिकों से करवाए जाने है।

लेकिन इन कामों को करने के लिए श्रमिक ही नहीं मिल रहे हैं। योजना को शुरू हुए करीब दो माह का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक काम के नाम पर सिर्फ औपचारिकता की जा रही है। हालात यह है कि वार्डों व सार्वजनिक स्थानों पर झाड,झंकाल खड़े हैं व कचरे के ढेर लगे हुए हैं। शौचालयों की सफाई नहीं होने से संड़ाध मार रहे हैं। नाले व नालियां कचरे से अटी पड़ी है। नगर परिषद क्षेत्र में 60 वार्ड है। इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना के तहत प्रत्येक वार्ड में बेरोजगार श्रमिकों को रोजगार देने के लिए अधिकारियों ने कार्य तो तय किए, लेकिन वार्डों में काम शुरू नहीं करवा पाए। भास्कर द्वारा की गई पड़ताल व पार्षदों से ली गई जानकारी में 60 में से केवल 8 से 10 वार्डों में ही चल रहा है। इनमें वार्ड नंबर 7 व 21 में तलाई खुदाई कार्य व शहर व हाउसिंग बोर्ड में स्थित कुछ वार्ड शामिल है।
न जॉब कार्ड बनें है न वार्ड में कोई काम शुरू हुआ है
^मेरे वार्ड में सबसे ज्यादा श्रमिक वर्ग के लोग के निवास करते है, लेकिन अभी तक न तो जॉब कार्ड बनें है न वार्ड में कोई काम शुरू हुआ है। इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना के तहत खेरदा क्षेत्र में तो क्या अधिकांश वार्डों में काम शुरू नहीं हुआ है।
नीरज मीना, पार्षद, वार्ड नंबर 15 30 वार्डों में रोजगार गारंटी योजना के कार्य चल रहे
^इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना के तहत नगर परिषद क्षेत्र में तलाई खुदाई, घांस व झाड़ियां कटाई सहित करीब 15 कार्य चल रहे हैं। अभी 720 श्रमिक कार्य कर रहे हैं। 60 में से 30 वार्डों में रोजगार गारंटी योजना के तहत कार्य चल रहे हैं।
भंवर लाल, सहायक अभियंता , नगर परिषद

मेटों को जिम्मेदारी, पार्षदों को जानकारी तक नहीं

योजना में काम करने के लिए लोगों ने आवेदन किए। उनके जॉब कार्ड भी बन गए। श्रमिकों से वार्डों में काम करवाने की जिम्मेदारी परिषद के अधिकारियों ने संबंधित जमादारों व मेटो को दे दी। वार्ड पार्षद नीरज मीना, फुरकान अली, रामसिंह गुर्जर आदि ने बताया कि स्थानीय पार्षदों को इस बारे में जानकारी तक नहीं है। श्रमिक भी नाली व सड़क सफाई जैसे काम में रूचि नहीं दिखा रहे हैं।

मजदूरी कम होने से भी नहीं मिल रहे श्रमिक

इस योजना में सरकार की ओर से निर्धारित दैनिक मजदूरी 259 रुपए प्रतिदिन दिए जा रहे हैं। जबकि खुली मजदूरी में श्रमिकों को रोजाना 400 से 500 रुपए मिल रहे हैं। इस कारण भी कम लोग इस योजना में काम करने कम आ रहे हैं। । नगर परिषद क्षेत्र में चल रहे कार्यों की हकीकत जानने के लिए भास्कर संवाददाता वार्ड नंबर 21 में चल रहे तलाई खुदाई कार्य स्थल पर पहुंचा। कार्य स्थल पर कुछ महिला श्रमिक बैठी हुई थी तो कुछ मिट्टी खुदाई कर रही थी। मौके पर 5 मेट में से एक मेट गायब मिला। महिला श्रमिकों ने बताया कि वे अपने हिसाब से काम करके चली जाती है। उन्हें कैसे और कितना काम करना है, उसके बदले में कितना पैसा मिलेगा। इस बारे में बताने वाला कोई नहीं है। सुबह मेट के पास नगर परिषद के अधिकारी फोन कर साइड बता देते है। उसके अनुसार मेट श्रमिकों को लेकर साइड पर आ जाता है।

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