भागवत कथा:कथा में श्रीकृष्ण की बाल लीला के सुनाए प्रसंग, गोवर्धन महाराज की झांकी सजाई

सवाई माधोपुरएक महीने पहले
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कुंडेरा के हनुमान मंदिर पर चल रही भागवत कथा में पांचवे दिन अघासुर, धनुकासूर, बकासुर राक्षसों के बध की कथा का वर्णन किया। कथावाचक आचार्य पुष्पेंद्र भैया ने बताया कि पापी कितना भी बड़ा हो अंत अवश्य होता है जीत सत्य की होती है। कथा में कृष्ण भगवान की बाल लीला एवं गोवर्धन पर्वत को उंगली पर उठाना की कथा का वर्णन किया गया। इस प्रसंग में गोवर्धन महाराज की झांकी सजाई गई। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन के साथ आरती उतारी और दान पुण्य किया गया। कथा में बताया गया कि इंद्रदेव के अहंकार को नष्ट करने के लिए भगवान ने गोवर्धन पर्वत को ऊंचा उठाकर सभी की रक्षा की।

गाे सेवा से ही जग का कल्याण संभव

मलारना डूंगर। गाे सेवा से ही जग का कल्याण संभव है। हमें गायों की तन मन से सेवा करनी चाहिए। उक्त विचार कथावाचक महेश भाई तेहरिया ने डहरोली में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दौरान प्रकट किए। उन्होंने बताया भगवान कृष्ण ने गाे सेवा के लिए ही धरती पर अवतार लिया। उन्होंने कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि मानव का शरीर एक मटकी के समान है। उसका माखन स्नेह तथा मिश्री प्रेम भाव है। कथा में कई श्रद्धालु मौजूद थे।

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