सुरक्षा सर्वोपरि:रेलवे ट्रैक पर अब रहेगी तीसरी आंख से नजर, इंजनों में लगेंगे कैमरे

सवाई माधोपुर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • अंधेरे में भी देखना संभव, पटरियों पर अवरोधक और सिग्नल पोजिशन की भी रिकार्डिंग

गंगापुर सिटी रेल प्रशासन के लिए यात्री सुरक्षा सर्वोपरि है। रेलगाडिय़ों एवं माल के सुरक्षित परिवहन के लिए रेलवे विभिन्न आधुनिक उपायों को अपनाती रही है। अब भारतीय रेलवे के द्वारा रेल गाडिय़ों में लगने वाले रेल इंजनों पर भी नजर रखी जाएगी, इसके तहत रेल इंजनों में अंदर सीसीटीवी कैमरे (क्रू वॉइस एवं विडियो रिकॉर्डिंग सिस्टम) का प्रावधान किया जा रहा है, जिससे रेल संचालन के दौरान लोको पायलट एवं सहायक लोको पायलट पर नजर रखी जा सकेगी और साथ ही साथ इंजन के सामने भी सीसीटीवी कैमरा लगाया जा रहा है जिससे चलती ट्रेन के सामने आने वाले ट्रैक पर भी रेलवे की तीसरी नजर होगी। इससे ट्रेन के आगे आने वाले अवरोध या ओएचई या सिग्नल आदि की भी जानकारी रेल प्रशासन को मिलती रहेगी। इससे रेलगाडिय़ों की अधिकतम संरक्षा सुनिश्चित होगी।

यह सीसीटीवी कैमरे आई पी बेस्ड होंगे, ताकि रिमोट मॉनिटरिंग की जा सके। इनकी रिकॉर्डिंग को सामान्यता डिलीट नहीं किया जा सकेगा। वीडियो का डाटा 90 दिनों तक सुरक्षित रहेगा जो कि (फस्र्ट इन फस्र्ट आउट) की तर्ज पर काम करेगा। यह सिस्टम माइनस 10 डिग्री से 55 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान के अनुसार डिजाइन किया गया है, ताकि हर मौसम में बेहतर गुणवत्ता मिलती रहे। साथ ही इसमें नाइट विजन का प्रावधान है जो कम लाइट में भी काम करता है।

55 लोको में क्रू वॉइस एवं विडियो रिकॉर्डिंग सिस्टम लगाया: पश्चिम मध्य रेल पर इटारसी लोको शेड, न्यू कटनी जंक्शन लोको शेड और तुगलकाबाद लोको शेड पर इंजनों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का कार्य किया जा रहा है। पश्चिम मध्य रेल पर कुल 55 लोको में क्रू वॉइस एवं विडियो रिकॉर्डिंग सिस्टम लगाया जा चुका है जिसमे इटारसी लोको शेड में 20, न्यू कटनी जंक्शन लोको शेड में 13 और तुगलकाबाद लोको शेड में 22 लोको में यह सुविधा लगाई गई है। विद्युत लोको शेड तुगलकाबाद के शेष 263 लोको में भी इस सिस्टम को लगाया जाना है। सिस्टम खरीदने का कार्य केन्द्रीय एजेंसी के तौर पर चितरंजन लोकोमोटिव वक्र्स द्वारा किया जा रहा है। जल्द ही पश्चिम मध्य रेल के 445 अन्य लोको, इंजनों में भी यह सिस्टम लगाया जायेगा।

खबरें और भी हैं...