योजना:लिंगानुपात बढ़ाने के लिए राज्य के प्रत्येक जिले में पायलट प्रोजेक्ट चलाएंगे, दो ग्राम पंचायतें गर्ल फ्रेंडली के रूप में होंगी विकसित

सवाई माधोपुर19 दिन पहले
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  • सर्वप्रथम जिले की सात ग्राम पंचायतों में गर्ल फ्रेंडली योजना लागू की, सातों पंचायतों में 859 से बढ़कर 950 हो गया लिंगानुपात

मलारना चौड़ राजस्थान के प्रत्येक जिले में दो गर्ल फ्रेंडली ग्राम पंचायत विकसित होगी। सवाई माधोपुर की तर्ज पर यह ग्राम पंचायतें विकसित होगी। इस संबंध में जयपुर स्थित एक होटल में सभी जिलों का संभाग अनुसार प्रथम बैच का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें निदेशालय महिला अधिकारिता एवं यूएनएफपीए के समन्वय यह प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ।

कार्यक्रम में शासन सचिव दिनेश कुमार यादव ने कहा जिस प्रकार पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सवाई माधोपुर की सात ग्राम पंचायतों को गर्ल फ्रेंडली ग्राम पंचायत के रूप में विकसित किया गया है। उसी प्रकार अब राज्य के प्रत्येक जिले में दो ग्राम पंचायतों को गर्ल फ्रेंडली ग्राम पंचायत के रूप में विकसित जाएगा। जिलों के उप निदेशक, सहायक निदेशकों सहित चिन्हित ग्राम पंचायतों की साथिन और सुपरवाइजर की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए आज इनको प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा संबंधित ग्राम पंचायत क्षेत्र के सभी की भागीदारी जरूरी है।

जिले की सात पंचायतों को बनाया आधार‎

राजस्थान में महिला अधिकारिता विभाग ने जिले की सात गर्ल फ्रेंडली पंचायतों को आधार मानकर अब पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बाकी अन्य जिलों में प्रत्येक दो -दो ग्राम पंचायतों में इस प्रोजेक्ट को विकसित किए जाने की बात कही है। वहीं जिले के महिला अधिकारिता विभाग के कार्मिकों ने अपनी मेहनत व कर्मठता के चलते सातों पंचायतों में लिंगानुपात भी बढ़ाया है। जिले में गर्ल फ्रेंडली पंचायतों में शामिल सवाई माधोपुर ब्लॉक की चकेरी व कुंडेरा, चौथ का बरवाड़ा ब्लॉक की डेकवा व रवाजना डूंगर, बौंली ब्लॉक की मित्रपुरा व झनुन व बामनवास ब्लॉक की कोली प्रेमपुरा पंचायतें शामिल है। इन पंचायतों में 2018 में गर्ल फ्रेंडली प्रोजेक्ट को शुरू किया तो यहां का लिंगानुपात 1 हजार लड़कों पर 859 लड़कियों का था, जो बढ़कर 950 लड़कियों तक हो गया है।

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