चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना:मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में नाम जुड़वाने का आज आखिरी दिन

सवाई माधोपुर9 दिन पहले
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राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में नाम जुड़वाने का शनिवार को आखिरी दिन है। राज्य सरकार द्वारा इसकी आखिरी तारीख 7 मई तय की गई है। योजना में अब 5 की जगह 10 लाख तक के कैशलैस उपचार की सुविधा दी जा रही है। साथ ही 5 लाख तक का दुर्घटना बीमा भी दिया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तेजराम मीना ने बताया कि जिन लोगों ने अपना नाम अभी तक योजना में नहीं जुड़वाया है, वो 7 मई को अपना नाम योजना में जुड़वा लें। योजना में अब 5 की जगह 10 लाख तक के कैशलैस उपचार की सुविधा दी जा रही है। साथ ही 5 लाख तक का दुर्घटना बीमा भी दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि जिले में कुल 17 राजकीय व 16 निजी अस्पताल संबद्ध है, जहां योजना का लाभ लिया जा सकता है। योजना में जिला अस्पताल सवाई माधोपुर, उप जिला अस्पताल गंगापुरसिटी, सीएचसी कुंडेरा, भगवतगढ, मित्रपुरा, चैथ का बरवाडा, मलारना डूंगर, खंडार, बौंली, पिलोदा, वजीरपुर, शिवाड, खंडीप, बहरावंडा खुर्द, खिरनी, बामनवास जुडे़ हैं। निजी अस्पतालों में सीपी हॉस्पिटल, जीवन सर्जिकल हॉस्पिटल, गणगौरी हॉस्पिटल, वर्धमान हॉस्पिटल, अपेक्स लेप्रोस्कोपिक हॉस्पिटल, किलकारी हॉस्पिटल, आरजी मेमोरियल हॉस्पिटल, गुप्ता नर्सिंग होम, डॉ. रामसिंह हॉस्पिटल, अपेक्स रणथम्भौर सेविका हॉस्पिटल, गर्ग हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, गोयल आई हॉस्पिटल, रिया हॉस्पिटल, शास्त्री नर्सिंग होम, आचार्य मेमोरियल हॉस्पिटल शामिल है।

सीएमएचओ ने बताया कि योजना में उन्हीं परिवारों को लाभ दिया जा रहा है जो मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना में बीमित हैं। मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में बीमित परिवारों का संबंध जन आधार कार्ड में अंकित परिवार से है। साथ ही मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में उस परिवार का एक साल की आयु तक का वह शिशु भी शामिल है, जिसका नाम, पहचान पत्र जन आधार कार्ड में जुड़ा हुआ नहीं है। बीमित परिवार के सदस्य की दुर्घटना होने पर मृत्यु या स्थायी क्षति होने पर परिवार को नियमानुसार 5 लाख की राशि का भुगतान किया जाएगा। योजना के अंतर्गत दुर्घटना में हुई क्षति का आशय किसी भी ऐसी शारीरिक चोट से है जो किसी बाह्य, हिंसात्मक एवं दृश्य माध्यम द्वारा लगी हो। शारीरिक चोट संदर्भित दुर्घटना से ही उत्पन्न हुई होनी चाहिए एवं दुर्घटना से पूर्व अस्तित्व में नहीं होनी चाहिए। मृत्यु अथवा क्षति का सीधा संबंध दुर्घटना से ही होने पर योजना का लाभ मिलेगा। दुर्घटनाओं में हुई मृत्यु अथवा क्षति होने, सडक दुर्घटना, उंचाई से गिरने पर, मकान ढ़हने, डूबने, रासायनिक द्रव्यों के छिडकाव, बिजली के झटके, जलने से होने वाली मृत्यु अथवा क्षति पर योजना का लाभ देय होगा। सीएमएचओ ने बताया कि दुर्घटना में मृत्यु होने पर 5 लाख रुपए, दुर्घटना में दोनों हाथों या दोनों पैरों या दोनों आंखों अथवा एक हाथ एवं एक पैर या एक हाथ एवं एक आंख, एक पैर एवं एक आंख की पूर्ण क्षति होने पर (निष्क्रिय होने पर) 3 लाख रुपए, दुर्घटना में एक हाथ, पैर अथवा आंख की पूर्ण क्षति होने पर (निष्क्रिय होने पर) डेढ़ लाख रुपए का लाभ मिल सकेगा।

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