पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Sikar
  • Buhana
  • Due To Lack Of Sports Ground In Buhana, Those Preparing For Army Recruitment Are Facing Problems, The Youth Said Will Not Allow The Leaders To Enter

अनदेखी पर बोले युवा:बुहाना में खेल मैदान नहीं होने से सेना भर्ती की तैयारी करने वालों को हो रही परेशानी, युवा बोले-नेताओं को घुसने नहीं देंगे

बुहाना/झुंझुनूंएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

कस्बे में ढंग का खेल मैदान नहीं होने के कारण खिलाड़ियों को परेशानी हो रही है। बुहाना उपखंड मुख्यालय होने के बावजूद कस्बे में एक भी पार्क या खेल का मैदान नहीं है। हालांकि राजकीय स्कूल का खेल मैदान है, लेकिन उसमें कोई सुविधा नहीं है। मैदान में धूल मिट‌्टी और कंकड़ पत्थर फैले पड़े हैं।

खेल मैदान की बदहाली को देख यहां के खिलाड़ी काफी मायूस है। मॉर्निग वॉक पर आने वाले लोगों को भी दो पल सुकून लेने के लिए कोई अच्छी जगह नहीं है। युवा अधिकारियों से लेकर जन प्रतिनिधियों तक बुहाना में एक ढंग से खेल मैदान या स्टेडियम बनवाने की गुहार लगाते-लगाते थक चुके हैं। यहां खेल की बेहतर सुविधाएं न होने से खिलाड़ी नाराज हैं।

उनका कहना है कि खेलों का अभ्यास करने स्टेडियम की कमी बेहद अखरती है। यदि नेताओं ने स्टेडियम बनाने के वादे पर अमल किया होता तो खेल की बुनियादी सुविधाएं मिल जाती और कोच अच्छे खिलाड़ी तैयार कर पाते। वहीं खिलाड़ी भी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ प्रदर्शन कर अपने गांव का नाम रोशन करते।

सुविधाएं मिले तो प्रदर्शन में आएगा निखार
शारीरिक शिक्षक संघ प्रदेश उपाध्यक्ष सूरजभान भालोठिया का कहना है कि खेल प्रतिभाओं को अभ्यास के लिए स्टेडियम की कमी बहुत अखरती है। खिलाड़ी अपनी क्षमता और प्रतिभा का प्रदर्शन पूरी तरह नहीं कर पाते। कस्बों में स्टेडियम की सुविधा है, लेकिन उपखंड मुख्यालय पर नहीं, यदि स्टेडियम की सुविधा मिल जाए तो प्रदर्शन में निखार होगा।

खेलों में हम हरियाणा से भी हो सकते हैं आगे

कुश्ती की नेशनल खिलाड़ी अंजू नाडिया का कहना है कि बुहाना को उपखंड मुख्यालय बने हुए करीबन 15 साल हो गए। लेकिन यहां न तो खेल का बेहतर मैदान है न ही सुविधाएं। खेल स्टेडियम तो होना चाहिए। नजदीकी प्रदेश हरियाणा खेलों में काफी आगे बढ़ गया है। सुविधाएं मिलें तो बुहाना के युवा भी नाम रोशन कर सकते हैं।

घोषणाएं तो बहुत, धरातल पर कुछ नहीं
करणी सेना जिलाध्यक्ष गिरवरसिंह तंवर ने कहा कि युवाओं के लिए घोषणाएं तो बहुत करते हैं, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं है। बुहाना में जमीन है, लेकिन युवाओं के लिए किसी तरह का कोई स्टेडियम नहीं बनवाया है और ना ही दौड़ने के लिए किसी तरह का ट्रैक जबकि बुहाना में रहने वाले युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं हैं।

...इसलिए सड़कों पर दौड़ लगाने को मजबूर युवा
युवा स्टेडियम के अभाव में सड़कों पर दौड़ लगाकर सेना भर्ती की तैयारी करने को मजबूर हैं। युवा कड़ी मेहनत कर सेना में भर्ती होने की तैयारी में जुटे हुए हैं, लेकिन स्टेडियम के अभाव में युवा सड़क पर दौड़कर भर्ती होने की तैयारी कर रहे हैं। तैयारी करने वाले युवाओं का कहना है

बुहाना उपखंड मुख्यालय होने के बावजूद नेताओं ने यहां प्रैक्टिस करने के लिए ना किसी तरह के स्टेडियम का निर्माण कराया गया है और ना ही दौड़ने के लिए किसी तरह का कोई ट्रैक बनाया गया है। मजबूरी में सड़क पर दौड़ना पड़ता है। जहां पर ये डर बना रहता है कि दौड़ के दौरान कोई वाहन चालक किसी को अपनी चपेट में ना ले ले, लेकिन इस बात की प्रवाह ना तो स्थानीय प्रशासन को है और ना ही राजनेताओं को।

युवाओं को नहीं मिल रहा सहयाेग

फुटबॉल खिलाड़ी विकास चौहान का कहना हैं कि खिलाड़ी स्टेडियम की कमी के कारण अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं। फुटबॉल हो या वॉलीबाल, हॉकी हो या क्रिकेट उन्हें अभ्यास करने की न तो सुविधा है न ही उन्हें प्रशासनिक सहयोग मिल पाता है। जब खेलों का आयोजन करना होता है तो उन्हें आपस में चंदा एकत्र करना पड़ता है।

बणी की जमीन पर बन सकता है स्टेडियम

जिले की दिव्यांग किक्रेट टीम के खिलाड़ी सतपालसिंह का कहना है कि बुहाना में स्टेडियम की कमी उन्हें सबसे अधिक अखरती है। उपखंड मुख्यालय पर स्टेडियम की सुविधा तो होनी चाहिए। राजकीय स्कूल के खेल मैदान को या बणी में जमीन आबंटित कर सुविधाओं के साथ स्टेडियम बना दिया जाए तो युवाओं को लाभ होगा।

युवा नहीं कर पा रहे सेना भर्ती की तैयारी

सेना की तैयारी कर रहे विजय सिहोडिया ने बताया कि चुनाव से पहले और बाद में भी नेताओं को कई बार नौजवानों के लिए खेल स्टेडियम के लिए अवगत कराया, लेकिन दौड़ने के लिए ढंग की ट्रैक तक नहीं बनाई गई। युवाओं को सड़कों पर दौड़ना पड़ता है। जिससे कोई भी हादसा हो सकता है। ऐसे में खेल स्टेडियम की बेहद जरूरत है।

खबरें और भी हैं...