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चिंता बढ़ा रहा कोरोना:डीबी अस्पताल से रोज 10 मरीज रैफर करने पड़ रहे क्योंकि 150 ऑक्सीजन बेड चाहिए, अभी 120 ही हैं

चूरू12 दिन पहले
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चूरू. यह डीबी अस्पताल का आपातकालीन कक्ष है, जहां पर छह बेड पर ऑक्सीजन की जरूरत वाले मरीज लेटे हुए हैं। इन मरीजों को सोमवार दोपहर तक बेड नहीं मिले। - Dainik Bhaskar
चूरू. यह डीबी अस्पताल का आपातकालीन कक्ष है, जहां पर छह बेड पर ऑक्सीजन की जरूरत वाले मरीज लेटे हुए हैं। इन मरीजों को सोमवार दोपहर तक बेड नहीं मिले।
  • 461 नए संक्रमित मिले; 3 दिन में मिल चुके 2040 मरीज, रतनगढ़ व सुजानगढ़ में 10 मौत, इनमें 5 कोरोना संदिग्ध

जिले में सोमवार को 461 कोरोना संक्रमित मिले। वहीं 10 लोगों की मौत हो गई। इनमें 5 कोरोना संदिग्ध हैं। इधर, संक्रमण लगातार बढ़ने के साथ ही जिला मुख्यालय के कोविड डेडिकेटेड डीबी अस्पताल में अब मरीजों को ऑक्सीजन बेड नहीं मिल रहे हैं। इस कारण हर दिन अस्पताल के इमरजेंसी से औसतन 10 से ज्यादा मरीज रैफर हो रहे हैं। पिछले चार दिनों में 45 मरीज ऑक्सीजन बेड नहीं मिलने से रैफर हुए।

दो-तीन दिनों में ऑक्सीजन बेड नहीं मिलने से एक-दो मरीजों की इमरजेंसी में मौत हो गई, जिसकी पुष्टि करने से अस्पताल प्रशासन कतरा रहा है। विशेषज्ञों की माने तो अस्पताल में रोज के मरीजों की संख्या को देखते हुए तत्काल (24 घंटे में) 150 ऑक्सीजन युक्त बेड की जरूरत है, जबकि अभी आईसीयू समेत ऑक्सीजन के 120 बेड हैं, जिनमें 90 बेड ऑक्सीजन के हैं, जबकि अस्पताल ने अतिरिक्त सिलेंडर की व्यवस्था करके 15 बेड को और अटैच कर रखा है।

इधर, कोविड डेडिकेटेड अस्पताल में रोज 120 से अधिक मरीजों को संभालना एक जूनियर डॉक्टर के लिए मुश्किल काम है। डॉ. साजिद चौहान को अभी कोविड वार्ड प्रभारी बना रखा है, जबकि उनसे कई सीनियर डॉक्टर एवं एचओडी मेडिसिन को ये जिम्मेदारी दी जा सकती है। वर्तमान प्रभारी को उनका सहायक बनाने से कोविड मरीजों का प्रबंधन और बेहतर हो सकता है।

तारानगर में सुबह कोविड मरीज बड़े भाई का अंतिम संस्कार किया, दोपहर बाद छोटे की मौत
जिले में सोमवार को 1601 सैंपल में 461 कोरोना संक्रमित मिले हैं, इनमें सर्वाधिक 151 चूरू ब्लाॅक के हैं। तारानगर में 90, सुजानगढ़ में 80, रतनगढ़ में 50, राजगढ़ में 55 के अलावा झुंझुनूं, सीकर, लाडनूं सहित अन्य स्थानों के लोग चूरू में जांच में पॉजिटिव मिले हैं। वहीं रतनगढ़, सुजानगढ़ व तारानगर में आठ लोगों की मौत हो गई, जिनमें पांच काेराेना संदिग्ध हैं।
तारानगर | गांव कालवास के 38 वर्षीय युवक की दो मई को कोविड से मौत हो गई। सोमवार को पीपीई किट पहन उसके 30 वर्षीय छोटे भाई ने अंतिम संस्कार किया। दोपहर बाद अंतिम संस्कार करने वाले भाई की तबीयत बिगड़ी, उसे साहवा सीएचसी लाए, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। बड़े भाई को 30 अप्रैल को चूरू डीबीएच में भर्ती करवाया था।
रतनगढ़ में चाचा-भतीजे की मौत : सोमवार को वार्ड 27 में दो तथा वार्ड 17 में एक व्यक्ति की कोरोना से मौत हो गई। नगरपालिका के सफाई निरीक्षक विष्णु कुमार ने बताया कि वार्ड 17 के कोरोना संदिग्ध व्यक्ति का अंतिम संस्कार प्रोटोकाॅल के तहत किया। वहीं वार्ड 27 के दो कोरोना मरीजों का इलाज बीकानेर में चल रहा था, उनकी भी मौत हो गई। वार्ड 27 के 42 वर्षीय व 52 वर्षीय मिस्त्री रिश्ते में चाचा-भतीजा थे।
सुजानगढ़ में 5 मौत, 4 कोरोना संदिग्ध : सोमवार को एक कोविड पॉजिटिव और 4 काेराेना संदिग्ध की मौत हुई। सूरवास निवासी 70 वर्षीय वृद्धा की सांवली अस्पताल में, चाड़वास के 60 वर्षीय वृद्ध की सुजानगढ़ अस्पताल में और नया बास क्लब निवासी 45 वर्षीय कोविड संदिग्ध महिला की घर पर ही मौत हो गई। महिला पहले चूरू में भर्ती रही थीं। बाड़ी बास निवासी 85 वर्षीय वृद्ध की घर पर ही मौत हुई। सभी का अंतिम संस्कार टीम हारे का सहारा संयोजक श्याम स्वर्णकार ने गाइडलाइन से करवाया। वहीं डीडवाना के बावड़ी के 30 वर्षीय युवक की मौत हुई।
लाडनूं | आधी पट्टी निवासी एक युवक की कोरोना से मौत हुई। 40 वर्षीय युवक 20 दिन से बीकानेर हॉस्पिटल में भर्ती था।
{चिंताजनक ये है कि कोरोना की पहली लहर में जिले में मार्च से दिसंबर-20 तक 10 महीनों में 5749 संक्रमित मिले, जबकि इस साल एक अप्रैल से दो मई तक 5836 पॉजिटिव मिल चुके हैं। अप्रैल के 30 दिन में 4257 एवं मई के दो दिन में 1579 कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं।

सीधी बात सांवरमल वर्मा, कलेक्टर
Q. डीबीएच को 200 बेड का बनाने के आदेश की पालना नहीं हुई?
कलेक्टर-बेड की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन ऑक्सीजन वाले बेड की कमी है। इसका कारण ऑक्सीजन नहीं मिल रही।
Q. रोज 10-15 मरीज ऑक्सीजन बेड नहीं मिलने से रैफर हो रहे हैं?
-फिलहाल ऑक्सीजन की कमी है, जिसके कारण डीबी अस्पताल से मरीज रैफर किए जा रहे होंगे। इसकी व्यवस्था करने में लगे हुए हैं।
Q. जिले के सीएचसी-पीएचसी में सिलेंडर हैं, उन्हें क्यों नहीं मंगा रहे?
-सिलेंडर की व्यवस्था तो हम कर रहे हैं। बड़ी बात ऑक्सीजन की है, जिसकी किल्लत इस समय पूरे स्टेट में भी है।

कलेक्टर के 6 दिन पहले 200 बेड का कोविड अस्पताल बनाने के दिए आदेश की पालना नहीं
कलेक्टर सांवरमल वर्मा ने 27 अप्रैल को कहा था कि डीबीएच में 200 बेड कोविड मरीजों के तैयार किए जाएं। अस्पताल की अन्य चिकित्सा सेवाएं नेत्र अस्पताल में स्थानांतरित होगी। 6 दिन बाद अभी तक अस्पताल प्रशासन 200 बेड स्थापित करने एवं अन्य चिकित्सा सेवाएं स्थानांतरित करने की कवायद में ही जुटा हुआ है।

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