सरकार क्यों छिपा रही आंकडे:डेंगू से जिले में अब तक 6 मौत, दो वर्षीय बच्चे ने डीबीएच में तोड़ा दम, विभाग का आंकड़ा-0 मौत

चूरू22 दिन पहले
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चूरू. डीबी अस्पताल के ब्लड बैंक के सामने शनिवार रात 9.30 बजे प्लेटलेट्स के इंतजार में बैठे मरीजों के परिजन। - Dainik Bhaskar
चूरू. डीबी अस्पताल के ब्लड बैंक के सामने शनिवार रात 9.30 बजे प्लेटलेट्स के इंतजार में बैठे मरीजों के परिजन।

सरदारशहर के दो वर्षीय डेंगू संदिग्ध बच्चे की शुक्रवार शाम डीबी अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में मौत हो गई। जिले में अब तक डेंगू से छह मौत हो चुकी हैं। चिकित्सा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इनमें से किसी की मौत डेंगू से नहीं हुई, क्योंकि एनएस-1 पॉजिटिव डेंगू पॉजिटिव नहीं है,

जबकि जिला मुख्यालय के अधिकतर फिजिशियन एनएस-1 रिपोर्ट को डेंगू बुखार मानते हुए इलाज कर रहे हैं। सरदारशहर के वार्ड पांच निवासी मोहम्मद आरिफ ने बताया कि उसके दो साल के बेटे अंश की तीन चार दिन से तबीयत खराब थी। बुखार और उल्टी की शिकायत पर स्थानीय अस्पताल में डॉक्टर को दिखाया गया। डेंगू की जांच करवाने पर पॉजिटिव पाया गया।

शुक्रवार दोपहर ज्यादा तबीयत बिगड़ने पर वापस अस्पताल ले जाया गया, जहां से चूरू के राजकीय डीबी अस्पताल रैफर किया गया। इलाज के दौरान शुक्रवार शाम बच्चे की मौत हो गई। बच्चे का सरकारी अस्पताल में एलाइजा टेस्ट नहीं करवाया गया था। निजी लैब में जांच करवाने पर रिपोर्ट पॉजीटिव पाई गई है। चिकित्सा विभाग के सीएमएचओ डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि अभी तक विभाग के पास इसकी कोई प्रामाणिक सूचना नहीं आई है। बच्चे का सरकारी अस्पताल में एलाइजा टेस्ट करवाया या नहीं इसका कोई प्रमाणिक तथ्य नहीं है।

सरदारशहर का बच्चा एनएस-1 पॉजिटिव था, डॉक्टरों ने उसका डेंगू का ही उपचार किया

सवाल } एनएस-1 पॉजिटिव को विभाग डेंगू नहीं मानता तो इलाज डेंगू का क्यों करते हैं?

डेंगू बुखार के आंकड़े छुपाने के मामले में सीएम अशोक गहलोत भी वीसी में साफ कह चुके है कि विभाग आंकड़े नहीं छुपाए, बल्कि हकीकत बताए, पर चिकित्सा विभाग के अधिकारी उच्चाधिकारियों को सही रिपोर्ट नहीं देते। अब तक चूरू में डेंगू से छह मौत हो चुकी हैं।

इनमें चार मरीजों की एनएस-1 पॉजिटिव रिपोर्ट थी, मगर सीएमएचओ डॉ. मनोज शर्मा इसे डेंगू मरीज नहीं मानते। उनका कहना है कि मरीज की एलाइजा रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसे डेंगू मरीज माना जा सकता है। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. एमएम पुकार का कहना है कि उदासर के बाबूलाल की एनएस-1 रिपोर्ट निगेटिव थी। रतनगढ़ की मरजीना की प्लेटलेट्स डाउन थी। यानी दोनों को निमोनिया था, तीसरे की अभी पुष्टि नहीं हुई।

पूर्व पीएमओ बोले : एनएस-1 रिपोर्ट पॉजिटिव का मतलब डेंगू बुखार... डीबीएच के पूर्व पीएमओ एवं वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. सीएल गहलोत का कहना है कि एनएस-1 पॉजिटिव रिपोर्ट का मतलब मरीज डेंगू पाॅजिटिव है। ऐसे मरीज को डेंगू बुखार का रोगी मानते हुए इलाज कर रहेे है

। सरकारी सिस्टम के बारे में वे कुछ नहीं कह सकते।अब तक ये हो चुकी डेंगू से मौत : डेंगू से पहली मौत शहर के वार्ड 59 की मंजू सैनी हुई, जिसे चूरू से जयपुर रैफर किया गया। जयपुर में बिरला हास्पिटल में मौत हो गई। इसी प्रकार वार्ड 9 की 14 वर्षीय जमीला की बीकानेर में मौत हुई। रतनगढ़ की वार्ड 18 असमां (21) बीकानेर में मौत हो गई। रतनगढ़ के वार्ड 9 की 16 वर्षीय मरजीना की व उदासर के 30 वर्षीय बाबूलाल की चूरू के डीबीएच में हुई। सरदारशहर के दो वर्षीय बच्चे अंश की डीबी अस्पताल में मौत हो गई।

जिले में अब तक 488 डेंगू पॉजिटिव

ब्लॉक डेंगू मरीज चूरू 389 तारानगर 50 सरदारशहर 20 रतनगढ़ 13 सुजानगढ़ 10 राजगढ़ 06 कुल 488

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