अब भरतिया अस्पताल में नवजातों को मिलेगा इलाज:10 बेड का एनआईसीयू और 20 बेड का आईसीयू का 15 अक्टूबर को होगा उद्घाटन​​​​​​​,बच्चों की हार्ट व सांस की बीमारी का होगा इलाज

चूरू2 महीने पहले
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राजकीय मातृ शिशु अस्पताल। - Dainik Bhaskar
राजकीय मातृ शिशु अस्पताल।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध राजकीय डेडराज भरतिया अस्पताल में अब नवजात बच्चों की गंभीर बीमारी का इलाज करवाया जाएगा। साल 2017 में बने मेडिकल कॉलेज के बाद पहली बार अस्पताल में पीडियाट्रिक आईसीयू बनाने की मंजूरी मिली है। पीडीयू मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. महेश मोहनलाल पुकार ने बताया कि 20 बेड की आईसीयू व 10 बेड की एनआईसीयू पहले से मातृ शिशु विंग में संचालित है।

15 तक तैयार हो जाएगा पीडियाट्रिक आईसीयू वार्ड
प्रिंसिपल डॉ. पुकार ने बताया कि 10 बेड का एनआईसीयू, 20 बेड का पीआईसीयू बनकर तैयार है। जिसका उद्घाटन 15 अक्टूबर तक होगा। 10 बेड का एनआईसीयू, 20 बेड का पीडियाट्रीक आईसीयू वार्ड और 15 बेड का आईसीयू वार्ड का काम चल रहा हैं। जिसमें 12 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों का उपचार होगा। वार्ड अक्टूबर महीने के अंत तक तैयार हो जाएगा।

हार्ट व सांस में दिक्कत के नवजातों का होगा उपचार
पीडियाट्रिक आईसीयू वार्ड बनने के बाद नवजात बच्चों को हार्ट और सांस लेने में परेशानी होने पर इलाज अब मातृ शिशु अस्पताल में होगा। इन बीमारियों से ग्रस्त नवजात को अब रैफर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

पीआईसीयू में होंगे अत्याधुनिक उपकरण
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. महेश मोहनलाल पुकार ने बताया कि मातृ शिशु विंग में बनने वाली पीआईसीयू सुविधायुक्त होगी। पहले गंभीर बीमारी से ग्रस्त नवजात व बड़े बच्चों का प्राथमिक उपचार कर रैफर किया जाता था। मगर अब ऐसा नहीं होगा। पीआईसीयू में वेंटिलेटर,ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर, मल्टी पैरामीटर मॉनिटर, रेडियम वार्मर, इंफ्यूजन पम्प, पल्स ऑक्सीमीटर, लेरिगोस्कॉप जैसे कई अत्याधुनिक उपकरण पीआईसीयू में होंगे। जिससे गंभीर बीमारी से ग्रस्त बच्चों का उपचार किया जाएगा।

400 बेड को मिलने लगी ऑक्सीजन
डॉ.पुकार ने बताया कि अस्पताल में पांच ऑक्सीजन प्लांट बने हुए है। सभी प्लांट बनकर तैयार हो चुके है। जिनसे अस्पताल के करीब 400 बेड को ऑक्सीजन मिल रही है।

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