डॉक्टर्स-डे आज / जन्मभूमि से लगाव में मरीजों की सेवा ही बन गया फर्ज

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  • न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. राजेंद्र सुरेका हर महीने व हड्‌डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राहुल कस्वा हर हफ्ते लगा रहे फ्री शिविर

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

चूरू. आज डाॅक्टर्स-डे है। चूरू के दो डॉक्टर ऐसे भी हैं, जिन्होंने जन्मभूमि से लगाव के चलते चिकित्सा सेवा के जरिए रोगियों की सेवा को अपना फर्ज बना लिया। मूलत: रतननगर निवासी न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. राजेंद्र सुरेका 26 साल से हर महीने मिर्गी रोग और तारानगर के हड्‌डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राहुल कस्वा सवा साल से हर हफ्ते हड्‌डी रोग के निशुल्क शिविर लगा रहे हैं। डॉ. सुरेका के प्रत्येक शिविर में 600 रोगी लाभान्वित होते हैं। शिविर में निशुल्क दवा के साथ रोगी व उसके साथ आने वाले अटेंडेंट को भोजन की भी व्यवस्था करवाई जाती है। दूसरी ओर डॉ. राहुल कस्वा चिकित्सा सेवा के साथ साथ अपने तारानगर क्षेत्र की समस्याओं के लिए भी सरकार से लेकर प्रशासन तक आवाज उठाते रहते है।

डॉ. सुरेका : अब तक 2.18 लाख को लाभान्वित कर चुके, लिम्का व गिनीज बुक में दर्ज हुआ रिकाॅर्ड

रतननगर हाल जयपुर निवासी न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. राजेंद्र सुरेका 26 साल से अपनी जन्मभूमि रतननगर में महीने के पहले मंगलवार को निशुल्क मिर्गी निदान शिविर लगा रहे है। डाॅ. सुरेका फिलहाल जयपुर के महात्मा अस्पताल में न्यूरो के विभागाध्यक्ष हैं। डॉ. सुरेका ने बताया कि जन्मभूमि से लगाव के चलते मां त्रिवेणीदेवी सुरेका चेरिटेबल ट्रस्ट बनाकर 26 साल पहले इसकी शुरुआत की। अभी तक दो लाख 18 हजार रोगियों को लाभान्वित किया जा चुका है। वर्ष 2016 में लिम्का बुक और वर्ष 2017 में गिनीज बुक रिकाॅर्ड में दर्ज हुआ। महात्मा गांधी अस्पताल में मिलने वाला वेतन इन शिविरों में रोगियों को निशुल्क दी जाने वाली दवाओं सहित अन्य व्यवस्थाओं में खर्च हो रहा है। शिविर में बड़े भाई देहली निवासी अशोक सुराणा व रतननगर हाल चेन्नई निवासी मित्र राजेंद्र हीरावत के आर्थिक सहयोग से प्रत्येक शिविर में आने वाले रोगी व उसके अटेंडेंट को निशुल्क भोजन भी करवाया जाता है।

डॉ. कस्वा: 46 शिविरों में 2500 और लॉकडाउन के दौरान 900 रोगियों को दिया निशुल्क परामर्श

मूलत: तारानगर निवासी हड्‌डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राहुल कस्वा तारानगर के गांधी के नाम से पहचान रखने वाले दादा स्व. भैराराम कस्वा की प्रेरणा से राजकीय सेवा को छोड़कर चिकित्सा सेवा व क्षेत्र की समस्याओं के समाधान में जुट गए। डॉ. कस्वा ने बताया कि फरवरी 2017 को चूरू के डीबी अस्पताल से हड्‌डी रोग विशेषज्ञ के रूप में सेवा शुरू की। अपने गांव के हालत से व्यथित होकर सरकारी नौकरी छोड़कर तारानगर से पिछला विधानसभा चुनाव भी लड़ा। प्रचार के दौरान गांवों में स्वास्थ्य समस्या से अवगत होने  पर 24 जनवरी 2019 से हर गुरुवार हड्डी रोगों के निशुल्क ग्रामीण शिविर की शुरुआत की। 46 शिविरों में 2500 से ज्यादा रोगियों का परामर्श कर निशुल्क दवा दी। वैदिक कन्या छात्रावास बालिका शिक्षा के नाम पर सेवार्थ एंबुलेंस की शुरुआत की। लॉकडाउन में करीब 900 मरीजों को फोन पर परामर्श दिया। पानी, शिक्षा, सड़क व किसानों से जुड़ी समस्याओं के समाधान को लेकर भी प्रयास कर रहे हैं।

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