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राजस्थान शिक्षा परिषद ने जारी की अप्रैल की रैकिंग:शिक्षा में मार्च की रैंकिंग से अप्रैल में 4 अंकों से पिछड़ा चूरू, फिर भी प्रदेश में पहले नंबर पर

चूरूएक महीने पहले
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  • जयपुर दूसरे नंबर पर

कोरोना संक्रमण से अप्रैल में सरकारी स्कूलों के बंद होने के बावजूद 1360 सरकारी स्कूलों वाला चूरू जिले ने शिक्षा में चार अंक पिछड़ने के बाद भी प्रदेश में चौथी बार पहले स्थान पर कब्जा बरकरार रखा है। चूरू जनवरी से लेकर अब तक पहले नंबर पर चल रहा है, जबकि दूसरे स्थान पर चार महीने से राजधानी जयपुर को संतोष करना पड़ रहा है।

पिछले दो महीनों में तीसरे स्थान पर रहने वाला हनुमानगढ़ इस बार पांचवें नंबर पर पहुंच गया। सीकर सातवें से छठे नंबर पर आ गया है। इस बार रैंकिंग की खास बात ये है कि पहले स्थान पर रहने वाला चूरू जिला भी पिछली बार की तुलना में अंकों में पिछड़ने के बावजूद अव्वल है। चूरू जिला पिछली बार 229.70 एवं इस बार 225.29 अंकों पहले नंबर पर है। समसा एडीपीसी रमेशचंद्र पूनिया का कहना है कि सभी जिले पिछली बार की तुलना में अंकों में पिछड़े हैं, मगर पिछड़ने के बाद चूरू पहले नंबर पर है। अप्रैल में सरकारी स्कूल बंद होने के बावजूद प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, पीईईओ, ब्लॉक एवं जिलास्तरीय टीम ने समन्वय बनाते हुए काम किया, जिससे चूरू पहले नंबर पर कायम है।

ब्लॉक की रैंकिंग में चूरू टॉपर, सरदारशहर सबसे नीचे
ब्लॉक की रैंकिंग में चूरू ने सुधार करते हुए इस बार पहला स्थान हासिल किया है। चूरू एसीबीईओ खालिद अली ने पीईईओ व संबंधित स्कूलों के प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापकों से बातचीत कर आवश्यक सुधार करवाया। पिछले महीने राजगढ़ पहले स्थान एवं चूरू दूसरे स्थान पर था। इस बार राजगढ़ चौथे स्थान पर चला गया, जबकि दूसरे स्थान पर सुजानगढ़ ने कब्जा जमा लिया है। अंतिम स्थान इस बार सरदारशहर चला गया है। कार्यक्रम अधिकारी विजयपाल धुवां का कहना है कि ब्लॉक की रैकिंग में पिछली बार की तुलना में दो ही बदलाव हुए हैं।

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