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बिग कंट्रोवर्सी:डिस्कॉम रिपोर्ट-रखरखाव में लापरवाही, स्टेबलाइजर खराब; प्लांट इंजीनियर-रिपोर्ट गलत, इसे हम नहीं मानते

चूरू24 दिन पहले
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डीबीएच के नए प्लांट के स्टेबलाइजर से रिसता तेल। - Dainik Bhaskar
डीबीएच के नए प्लांट के स्टेबलाइजर से रिसता तेल।
  • डीबीएच में 27 मई को बिजली गुल होने पर बंद हो गए थे दोनों ऑक्सीजन प्लांट, जांच रिपोर्ट पर विवाद
  • 10 मिनट तक मच गई थी अफरा-तफरी, कोविड डेडिकेटेड अस्पताल में 125 मरीज थे ऑक्सीजन पर

कोविड डेडिकेटेड डीबी अस्पताल के कोविड वार्ड के मरीजों के जीवन के साथ बड़ा खिलवाड़ हो रहा है। इसका खुलासा 27 मई को अचानक बिजली गुल होने पर ऑक्सीजन प्लांट बंद हाेने के मामले को लेकर कलेक्टर के निर्देश पर डिस्कॉम के फील्ड इंजीनियर से करवाई जांच में हुआ है। इसमें प्लांट के स्टेबलाइजर में तकनीकी खामी को इसका कारण माना गया।

डिस्कॉम एसई की रिपोर्ट पर एडीएम ने अधीक्षक को पत्र लिखकर प्लांट के स्टेबलाइजर बदलने या सही करवाने की पालना रिपोर्ट मांगकर इतिश्री कर ली। बड़ी बात ये है कि प्लांट इंजीनियर मुरारी झा डिस्कॉम की रिपोर्ट को सही नहीं मान रहे हैं। उनका कहना है कि ये हो ही नहीं सकता कि डिस्कॉम की सप्लाई 24 घंटे पूरे लोड के साथ होती है।

उनका तर्क है कि चूरू जैसे इलाके में आंधी-बारिश आते रहते हैं। इस दौरान वोल्टेज डाउन होना, फाल्ट आना आम बात है। ऐसा नहीं होता तो लोगों के घरों में उपकरण क्यों जलते हैं।

इधर, डिस्कॉम की जांच रिपोर्ट एवं लोड की सर्वे रिपोर्ट कलेक्टर को भेजने के बाद एडीएम पीआर मीना ने 29 मई को अधीक्षक को पत्र लिखकर तत्काल स्टेबलाइजर चेंज या सही करवाकर सूचना देने के निर्देश दिए। बतादें कि 27 मई की शाम 4.30 बजे 10 मिनट बिजली गुल होते ही ऑक्सीजन प्लांट की वोल्टेज कम हो गई, जिससे कोविड व आइसोलेशन वार्ड में भर्ती मरीज व परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। अस्पताल में 125 मरीज ऑक्सीजन पर थे।

डिस्कॉम रिपोर्ट में स्टेबलाइजर खराब, एक से तेल का रिसाव और दूसरे के वायर खराब
डिस्कॉम एसई केके कस्वां ने बताया कि फील्ड अभियंताओं ने वोल्टेज स्टेबलाइजर की जांच की तो पता चला कि दोनों प्लांट में स्टेबलाइजर सही ढंग से स्थापित नहीं किया, जिसके कारण वे स्टेबल वोल्टेज प्लांट को क्षमता के अनुसार नहीं दे रहे हैं। डिस्कॉम एसई ने डीबीएच में स्थापित विद्युत मीटर की प्रतिदिन लोड सर्वे की रिपोर्ट भी दे दी, जिसमें घटना के समय 27 मई को उक्त फीडर पर किसी प्रकार की कम-ज्यादा वोल्टेज होने की रिपोर्ट नहीं थी। रिपोर्ट में बताया कि नए प्लांट में स्टेबलाइजर से तेल का रिसाव हो रहा था, जबकि दूसरे में भी तकनीकी खामी थी।

  • डीबीएच में दोनों प्लांट को अभी पुराने प्लांट के कार्मिक इरफान ही देख रहे हैं। इरफान का कहना है कि नए प्लांट के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। वे तो जब तक कोई कार्मिक नहीं आता तब तक देख रहे हैं। 27 मई को स्टेबलाइजर सही थे।

अधीक्षक बोले-डिस्कॉम और प्लांट के इंजीनियरों को करेंगे आमने-सामने
डीबीएच अधीक्षक डॉ. एफएच गौरी ने बताया कि नए प्लांट में स्टेबलाइजर टेढ़ा रखे होने से तेल का रिसाव हो रहा था, जिसे सही रखवा दिया। पुराने के स्टेबलाइजर का यलो वायर बदला दिया। डिस्कॉम व प्लांट के इंजीनियरों के अलग-अलग तर्क को देखते हुए दोनों को आमने-सामने करके पूछताछ की जाएगी।

3 सवाल, जिनके जवाब नहीं
बिजली गुल होने पर दोनो ऑक्सीजन प्लांट बंद होने के मामले में डिस्कॉम और प्लांट इंजीनियर के परस्पर विरोधी बयान के बीच तीन सवाल ऐसे हैं जिनके जवाब नहीं...
1. स्टेबलाइजर का काम बैकअप का है, फिर बिजली वोल्टेज कम और ज्यादा होने का असर प्लांट की ऑक्सीजन सप्लाई पर क्यों पड़ा?
2. बिजली वोल्टेज की समस्या थी तो इसकी डीबीएच अधीक्षक को शिकायत क्यों नहीं की? जब कोई गड़बड़ी नहीं थी तो स्टेबलाइजर का यलो वायर क्यों बदला?
3. 27 मई को बिजली गुल हुई उस दिन ऑक्सीजन प्लांट बंद हुए। 30 मई को भी बिजली गुल हुई तो प्लांट बंद क्यों नहीं हुए?

कलेक्टर सांवरमल वर्मा का कहना है कि मामले की जांच डिस्कॉम से करवाई थी, जिसकी पालना के लिए अधीक्षक को पत्र भी लिखा गया। अब मामले में कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है तो एडीएम को भेजकर पता करवाएंगे कि आखिर कहां गेप है।

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