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रोड पर भरा बारिश का पानी:शहर में पानी की निकासी नहीं होने से मानसून के 2 महीने बंद रहती हैं 100 से ज्यादा दुकानें, 2.5 करोड़ का सालाना नुकसान

चूरू11 दिन पहले
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सुभाष चौक से बागला स्कूल होकर पंखा रोड पर भरा बारिश का पानी। यहां पर दूसरे दिन भी डेढ़ से दो फीट तक पानी भरा रहा। - Dainik Bhaskar
सुभाष चौक से बागला स्कूल होकर पंखा रोड पर भरा बारिश का पानी। यहां पर दूसरे दिन भी डेढ़ से दो फीट तक पानी भरा रहा।
  • चूरू में सुभाष चौक से जौहरी सागर और भाईजी चौक से झारिया मोरी क्षेत्र में सबसे ज्यादा परेशानी
  • गाजसर गेनाणी को ओवरफ्लो होने से बचाने के लिए बारिश में मोटरें बंद कर देती है नगर परिषद

मानसून की बारिश का सभी को इंतजार रहता है, लेकिन शहर के निचले एरिया के घरों व बाजार के दुकानदारों के लिए ये आफत से कम नहीं है। इसका कारण ड्रेनेज सिस्टम का फेल हाेना है। बारिश में शहर के पानी को गाजसर गेनाणी फेंकने वाली मोटरों को बंद कर दिया जाता है, क्योंकि गाजसर गेनाणी ओवरफ्लो होने का खतरा रहता है। नगर परिषद निकासी की व्यवस्था करने की बजाय पीएचईडी पर समस्या का ठिकरा फोड़कर पीछा छुड़ाना चाहती है।

उनका कहना है कि शहर में पीएचईडी के पानी की 24 घंटे सप्लाई होती है, जबकि पीएचईडी अधिकारियों का कहना है कि ये समस्या तो केवल बारिश में ही हाेती है। कुछ वर्षों पहले तक बरसाती पानी की 8 से 10 घंटे में निकासी हो जाती थी, लेकिन अब गाजसर गेनाणी के ओवरफ्लो के खतरे को देखते हुए जौहरी सागर में लगी ड्रेनेज की मोटरों को परिषद के कार्मिक धीरे चलाते हैं, जिससे जौहरी सागर के आसपास करीब एक किमी एरिया में पानी इकट‌्ठा रहता है।

इससे जौहरी सागर से सब्जी मंडी से लेकर झारिया मोरी बाजार के करीब 100 से अधिक दुकानदारों को व्यापार नहीं होने से हर साल दो से ढाई महीने तक करीब 2.5 करोड़ का नुकसान झेलना पड़ता है। बतादें कि करीब दो दशक पहले आरयूआईडीपी ने सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम से शहर को जोड़ा था, मगर बार-बार नालों के बंद हो जाने से समस्या बढ़ती जा रही है।

समस्या इसलिए - ड्रेनेज व सीवरेज के नाले ओवरफ्लो होकर सड़क पर बहते हैं
प्यालेनुमा बसावट वाले चूरू शहर में पानी भराव की समस्या निचले क्षेत्रों में वर्षों से है, लेकिन बराबर निकासी होने से ज्यादा परेशान नहीं थी। बाद में जौहरी सागर के आसपास कई निर्माण होने एवं पानी निकासी की पुख्ता व्यवस्था नहीं होने से जल भराव की समस्या ज्यादा हो गई।

यहां समस्या ज्यादा : बारिश होते ही शहर में 60 से 70 फीसदी बाजार की दुकानें बंद हो जाती हैं, लेकिन सुभाष चौक से जौहरी सागर, सब्जीमंडी से झारिया मोरी तक दुकानें बारिश आने के दो-तीन दिन तक प्रभावित रहती हैं। दुकानों में पानी घुस जाता है।

  • इन इलाके में ड्रेनेज और सीवरेज के नाले अवरुद्ध होकर ओवरफ्लो होकर सड़क पर बहने लगते हैं। दूसरा कारण ये ढलान वाली एरिया है, इसी से होकर पानी जौहरी सागर पहुंचता है।

नगर परिषद कार्मिक ने उतारी पाेल पर टंगी ‘पायल सैनी नहर’ नाम की तख्ती

बागला स्कूल के सामने पर पंखा रोड पर 3 सितंबर को पानी भराव के विरोध में लोगों द्वारा लगाई गई सभापति पायल सैनी के नाम (पायल सैनी नहर) की तख्ती को रविवार को नगर परिषद का कार्मिक उतार कर ले गया। कार्मिक ने एक तख्ती तो उतार ली, लेकिन दूसरी पानी भराव अधिक होने के कारण नहीं उतार सका।

व्यापारियों की पीड़ा - सड़क से दो फीट ऊंची दुकान, फिर भी घुस जाता है बरसाती पानी
बागला स्कूल के सामने स्थित दुकानदार राजू सातड़ेवाला ने कहा कि मानसून हर साल डेढ़ से दो महीने व्यापार प्रभावित होता है। इस बार पानी घुसने से 15-20 हजार की खळ की बोरियां भीग गई।

  • पंखा रोड के व्यापारी प्रभु मेहरीवाला ने बताया कि इस सीजन में दो बार पानी दुकान में घुस गया, जबकि दुकान रोड से दो फीट ऊपर है। मात्र 20 एमएम बारिश में अनाज व खळ का हजारों का नुकसान हो गया।
  • अनाज व्यापारी नीतू सरोठिया का कहना है कि सीजन की शुरूआत में दो लाख का नुकसान वे झेल चुके हैं। अब अनाज मंगाने की हिम्मत नहीं होती।
  • व्यापारी रामावतार लोहिया का कहना है कि बारिश में दुकान के आगे पानी भर जाने से दो महीने से ग्राहकी बंद है। इस समस्या का स्थायी समाधान होना जरूरी है।

जिम्मेदार बोले - सरदारशहर से 6-7 पंपसैट निकासी के लिए मंगाए हैं

गेनाणी के पानी की निकासी के लिए सरदारशहर 6-7 पंपसैट मंगाए हैं, जिनके आने के बाद गेनाणी के पानी को दूर छोड़ा जाएगा। गेनाणी जितनी खाली होगी, उतना पानी शहर से छोड़ा जाएगा। फिलहाल दाे पीटीओ पंप तत्काल चालू कर दिए हैं। -सहदेवदान चारण, कार्यवाहक आयुक्त, नगर परिषद चूरू

ये हो सकता है समाधान - शहर के चारों ओर बनें निकासी के पॉइंट

नगर परिषद के पूर्व आयुक्त भंवरलाल सोनी का कहना है कि चूरू शहर की बसावट को देखते हुए बारिश के पानी की निकासी के लिए उत्तर में जौहरी सागर, पूर्व में डाबला या बूंटिया रोड, पश्चिम में खेल स्टेडियम के पिछवाड़े अथवा सैनिक बस्ती से वन विभाग की भूमि एवं दक्षिण में पूनिया कॉलोनी के आगे पानी निकासी के लिए गेनाणी बना समाधान किया जा सकता है।

चारों ओर से पानी निकासी होगी तो जौहरी सागर के पास पानी कम इकट‌्ठा होगा, गेनाणी आेवरफ्लो नहीं होगी। दूसरा सुझाव ड्रेनेज व सीवरेज के चैंबर के रखरखाव में सुधार एवं उनकी बारिश से पूर्व सफाई करवाई जानी चाहिए।

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