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अच्छी खबर:3 घंटे में रेवाड़ी से चूरू पहुंची इलेक्ट्रिक मालगाड़ी, जुलाई में सवारी गाड़ी संभव

चूरू23 दिन पहले
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चूरू. दोपहर 1 बजे रेवाड़ी से रवाना होकर शाम 4 बजे चूरू पहुंची पहली इलेक्ट्रिक मालगाड़ी। - Dainik Bhaskar
चूरू. दोपहर 1 बजे रेवाड़ी से रवाना होकर शाम 4 बजे चूरू पहुंची पहली इलेक्ट्रिक मालगाड़ी।
  • बीकानेर रेलवे मंडल ने रेवाड़ी-चूरू बिजली लाइन के 200 किमी खंड पर पहली मालगाड़ी चलाकर निरीक्षण किया

चूरू जिले के यात्रियों के लिए राहत की खबर है। अब रेवाड़ी-चूरू के बीच जुलाई तक बिजली लाइन की सवारी गाड़ी चल सकती है। सादुलपुर-चूरू बिजली लाइन खंड के सीआरएस के बाद अब इंजन और मालगाड़ी चलाने का ट्रायल शुरू हो गया है। शुक्रवार को रेवाड़ी-चूरू के बीच बिजली से संचालित मालगाड़ी तीन घंटे में चूरू रेलवे स्टेशन पहुंची। ये बिजली से संचालित पहली मालगाड़ी थी, जो रेवाड़ी से चलकर तीन घंटे में 200 किमी का सफर पूरा करके चूरू पहुंच गई। दरअसल बीकानेर मंडल ने रेवाड़ी-चूरू बिजली लाइन के 200 किमी खंड का मालगाड़ी चलाकर परीक्षण किया।

एक बजे रवाना होकर शाम 4 बजे चूरू पहुंची मालगाड़ी, चूरू-रेवाड़ी लाइन पर ट्रेन संचालन का रास्ता साफ

बीकानेर मंडल के सीनियर डीसीएम अनिल रैना ने बताया कि ये मालगाड़ी दोपहर 1.00 बजे रेवाड़ी से रवाना होकर 4.00 बजे चूरू स्टेशन पहुंची। इस गाड़ी को मंडल के टीआरडी विभाग के अधिकारी व सुपरवाइज़र द्वारा एस्कॉर्ट किया गया। गाड़ी के संचालन के साथ ही रेवाड़ी-चूरू खंड में विद्युत गाड़ियों के संचालन का रास्ता साफ हो गया है। अधिकारियों के अनुसार जुलाई में बिजली लाइन की सवारी गाड़ी चल सकती है। बतादें कि मार्च में सीआरएस ने सादुलपुर-चूरू बिजली लाइन का गहन निरीक्षण करके इस लाइन की ओके रिपोर्ट दे दी है तथा बिजली लाइन की ट्रेन चलाने की अनुमति भी जारी कर दी। संरक्षा आयुक्त द्वारा निरीक्षण के दौरान निर्देशित कार्य सुधारों के बाद बीकानेर मंडल ने पहली मालगाड़ी चलाने का ट्रायल पूरा कर लिया।

चूरू-रतनगढ़ बिजली लाइन का सीआरएस जुलाई में संभव
सादुलपुर-चूरू के बाद चूरू-रतनगढ़ बिजली लाइन का काम तेजी से चल रहा है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पहले इसका सीआरएस जून में तय था, मगर कोरोना व लॉकडाउन के कारण अब जुलाई में संभव हो सकेगा। रतनगढ़ के साथ ही रतनगढ़-सरदारशहर बिजली लाइन का काम भी पूरा होना है। उल्लेखनीय है कि 391 करोड़ की लागत का बिजली लाइन प्रोजेक्ट 2018 में शुरू हुआ था।

फायदा : चूरू-रेवाड़ी के सफर में 40 मिनट कम लगेंगे, ट्रेन भी बढ़ेंगी
चूरू-रेवाड़ी बिजली लाइन की ट्रेन शुरू होते ही चूरू से रेवाड़ी का सफर 40 मिनट कम हो जाएगा। अभी चूरू से रेवाड़ी तक एक्सप्रेस में 3 घंटे 40 मिनट लगते हैं। बिजली से संचालित ट्रेन के शुरू होने से 3 घंटे में चूरू से रेवाड़ी पहुंच जाएंगे। इतना ही नहीं बिजली लाइन की ट्रेनों के संचालन के बाद बीकानेर-चूरू-दिल्ली खंड से लंबी दूरी की ट्रेनों की संख्या बढ़ जाएगी, जिससे जिले के यात्रियों को आवागमन में फायदा होगा।
आगे : 2022 तक जुड़ जाएगा दिल्ली-बीकानेर बिजली लाइन खंड
बीकानेर मंडल के चूरू-बीकानेर खंड के विद्युतीकरण का काम जोर-शोर से चल रहा है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि दिसंबर 2021 तक बीकानेर तक बिजली लाइन का काम पूरा हो जाएगा। ऐसे में 2022 में बीकानेर-दिल्ली वाया चूरू बिजली लाइन की ट्रेन चलने की संभावना है।

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