उच्च शिक्षा बेहाल:उच्च शिक्षा मंत्रीजी के ध्यानार्थ; रतनगढ़ गर्ल्स काॅलेज में 1450 बेटियाें काे पढ़ाने के लिए 1 भी लेक्चरर नहीं

रतनगढ़2 महीने पहले
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  • कॉलेज सिर्फ प्रिंसिपल के भरोसे, व्याख्याताओं के स्वीकृत सभी 10 पद खाली

जिले के प्रभारी मंत्री व उच्च शिक्षा मंत्री भंवरसिंह भाटी अभी जिले के दौरे पर हैं। वे यह खबर जरूर पढ़ें ताकि उन्हें पता चल सके कि उनके प्रभार वाले जिले में उच्च शिक्षा के हालात कितने दयनीय बने हुए हैं। 1450 बेटियाें काे पढ़ाने के लिए कॉलेज में एक भी व्याख्याता नहीं है और काॅलेज केवल प्रिंसिपल के भराेसे है। यह काॅलेज है रतनगढ़ शहर का राजकीय लाेहिया गर्ल्स काॅलेज।

अभी काॅलेज में प्रवेश की प्रक्रिया अंतिम चरणाें में है और कुछ दिनाें बाद ही कक्षाओं का संचालन हाेने वाला है। व्याख्याताओं के स्वीकृत सभी दस पद खाली चल रहे हैं। बहुत कम बार ऐसा हुआ है कि इस काॅलेज में सभी 10 पदाें पर व्याख्याता कार्यरत रहे हाें। पूर्व में यहां अलग-अलग विषयाें के तीन व्याख्याता पदस्थापित थे।

लेकिन, करीब पांच माह पूर्व उनका भी ट्रांसफर हाे गया है। अब यहां प्रवेश लेने वाली 1450 छात्राओं काे भी नहीं पता कि नए सत्र में उन्हें काैन पढ़ाएगा। काॅलेज में वाइस प्रिंसिपल का पद वर्ष 2014 से रिक्त है। इसके अलावा हिंदी के तीन, गृह विज्ञान के चार, राजनीति विज्ञान के एक, अंग्रेजी साहित्य के एक व्याख्याता का पद खाली है।

विद्या संबल योजना में हिंदी व गृह विज्ञान में आवेदन ले रखे हैं। पैनल बन चुका है। जैसे ही कक्षाएं शुरू होगी, छात्राओं को उनके अध्ययन के लिए आमंत्रित करेंगे। मैंने हाल ही में कॉलेज में पदभार संभाला। मुझसे पूर्व कॉलेज प्रशासन ने आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा को खाली पदों को लेकर अवगत कराया है।

-राजेंद्र सुथार, प्राचार्य, राजकीय गर्ल्स पीजी कॉलेज, रतनगढ़

जालान पीजी कॉलेज व्याख्याताओं के 12 पद खाली, प्रिंसिपल भी नहीं

2100 विद्यार्थियाें वाले राजकीय जालान पीजी कॉलेज में प्राचार्य सहित 12 पद खाली हैं। पिछले तीन-चार वर्षाें से ये ही हालात हैं। परीक्षाओं के समय कुछ व्याख्याताओं को इधर-उधर से डेपुट करवाकर परीक्षा जैसा कार्य संपादित कराए जाते हैं। पूरे साल विद्यार्थियों को ट्यूशन लेना पड़ता है। काॅलेज में प्राचार्य सहित 23 पद स्वीकृत हैं, जिनमें 12 पदों पर विभिन्न विषयाें के व्याख्याता नहीं है।

काॅलेज में वर्ष 2018 से स्थायी प्रिसिंपल नहीं है। वाइस प्रिंसिपल 2013 से नहीं है। इसके अलावा हिंदी में एक, अंग्रेजी में एक, इकोनॉमिक्स में एक, व्यवसायिक प्रशासन में एक, राजनीतिक विज्ञान में दो, इतिहास में तीन, विज्ञान में एक, रसायन शास्त्र में एक, प्राणी शास्त्र में एक, वनस्पति शास्त्र में एक व्याख्याता का पद खाली है।

कॉलेज में खाली पदों को लेकर आयुक्तालय को कई बार अवगत करवाया गया है। एक सप्ताह पहले रिक्त पदों को भरने के संदर्भ में पुन: पत्र लिखा गया है।
-कल्याणसिंह चारण, कार्यवाहक प्राचार्य

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