गोवर्धन पर्वत का प्रसंग सुनाया:भागवत कथा में झांकियां सजाकर पूतना वध व गोवर्धन पर्वत का प्रसंग सुनाया

चूरू10 दिन पहले
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बांय गांव की गाेशाला में चल रही भागवत कथा में गुरुवार को भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं के प्रसंग सुनाए गए। कथावाचक कोमल पारीक पूलासर ने पूतना वध व गोवर्धन पर्वत का प्रसंग सुनाया। इस अवसर पर कथावाचक ने ने कहा कि कंस ने कृष्ण को मारने के लिए पूतना को रूप बदलकर भेजा, पूतना का वध कर कृष्ण ने अपने बालपन से ही असुरों का संहार शुरू कर दिया। इंद्र ने क्रोधित होकर जब बृज पर बारिश का कोप शुरू कर दिया ताे श्रीकृष्ण ने अपनी छोटी अंगुली पर गोवर्धन पर्वत को उठाकर बृजवासियों की रक्षा की। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूपों की झांकियां सजाई गई। इस मौके पर जितेंद्र कृष्ण शर्मा, राजूसिंह, हनुमान सिंह, सुबेदार भादरसिंह, दलीपसिंह, मांगीलाल अग्रवाल आदि मौजूद रहे। कृष्ण जन्म पर कलाकारों ने झांकियां सजाई : साहवा | पुनसीसर गांव के शिव मंदिर में चल रही भागवत कथा में गुरुवार काे कथावाचक निर्मल शास्त्री ने विभिन्न प्रसंग सुनाए।

इस अवसर पर उन्हाेंने कहा कि जब धरती पर पाप बढ़ जाते हैं ताे भगवान अवतार लेते हैं। मथुरा में कंस के अत्याचार बढ़ते ताे भगवान ने अवतार लेकर उसका संहार किया। कथा में कृष्ण जन्म पर कलाकारों ने झांकियां सजाई। इस दाैरान सुखदेवाराम, डूंगरमल, सुगनाराम, गंगाधर, सोहनलाल, दीपचंद, मनीष तिवाड़ी, रतनलाल सैनी, सुनीलसिंह राजपूत, चावली देवी, सुमन, कविता, अंजू, अनसुईया अादि माैजूद रही।

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