झारिया के आंगनबाड़ी केंद्रों पर आया खराब पोषाहार:जांच करने की बजाय कार्यकर्ताओं से अफसर बाेले-किसी को बताया तो हटा देंगे

चूरू14 दिन पहले
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गांव झारिया के पांच आंगनबाड़ी केंद्रों पर नौ महीने के इंतजार के बाद दो दिन पहले आया छह महीने का पोषाहार इतना खराब था, जिसे पशुओं को भी नहीं खिलाया जा सकता। हालांकि आंगनबाड़ी केंद्र पर आए पोषाहार को बच्चों को वितरण किए जाने से पहले ही रुकवा दिया गया है। पंस सदस्य एडवोकेट सुनील मेघवाल ने सजगता दिखाते हुए वितरण रुकवाया। दूसरी तरफ अभिभावकों ने भी पोषाहार लेने से इनकार कर दिया गया। संबंधित विभाग के अधिकारियों ने भी पोषाहार को बदलवा कर देने व समस्या का समाधान करने की बजाय आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ही इस बारे में किसी को बताने पर नौकरी से हटाने की धमकी दी।

^झारिया में एक आंगनबाड़ी केंद्र पर खराब पोषाहार की सूचना मिलते ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को उसे नहीं बांटने के लिए पाबंद किया था। नौकरी से हटाने जैसी कोई बात नहीं कही गई। शिकायत के बाद पोषाहार वितरण ही नहीं करने दिया गया था। जयकौर, सुपरवाइजर, महिला एवं बाल विकास विभाग

गांव के पांच आंगनबाड़ी केंद्रों में छह सौ बच्चों को नौ महीने से पोषाहार का इंतजार था। दो दिन पहले इन आंगनबाड़ी केंद्रों से पोषाहार आया। कुछ अभिभावक बच्चों के लिए पोषाहार लाने गए तो दाल को देखकर वे स्तब्ध रह गए। दाल बहुत ही खराब थी। यहां तक कि दाल सीलन से जमी हुई थी। अभिभावकों के जरिए पंचायत समिति सदस्य एडवोकेट सुनील मेघवाल को इसका पता चला। पंचायत समिति सदस्य ने विभाग के उच्चाधिकारियों को इससे अवगत करवाकर इसका वितरण रुकवाया। ^झारिया में पांच आंगनबाड़ी केन्द्र हैं। यहां करीब छह सौ बच्चों को पोषाहार देना था। खराब पोषाहार का वितरण रुकवा दिया है। एसडीएम सहित उच्चाधिकारियों को भी अवगत करवा दिया है। एडवोकेट सुनील मेघवाल, पंचायत समिति सदस्य, चूरू ^खराब पोषाहार आने की सूचना मिलने के बाद विभाग के एडीआई व सीडीपीओ को उसका वितरण नहीं करने के लिए पाबंद किया है। साथ ही पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट पेश करने के भी आदेश दिए गए है। जांच आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। राहुल सैनी, एसडीएम, चूरू

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