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कृषि पर्यवेक्षकों का ऑनलाइन कार्य बहिष्कार:क्रॉप कटिंग न होने से अटक सकता है ढाई लाख किसानों का बीमा क्लेम

चूरू8 दिन पहले
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  • 16 अगस्त से आंदोलन कर रहे हैं कृषि पर्यवेक्षक, ऑनलाइन क्रॉप कटिंग के डाटा के आधार पर ही जारी होता है बीमा क्लेम

केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं को किसानों तक पहुंचाने वाली कड़ी कृषि पर्यवेक्षक पिछले एक माह से मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। इससे किसानों तक विभिन्न योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच पा रहा है। कृषि पर्यवेक्षकों ने अब ऑनलाइन क्रॉप कटिंग कार्य का भी बहिष्कार कर दिया है, जिसका सीधा असर किसानों की खरीफ फसल बीमा पर पड़ेगा तथा खराबे व नुकसान की स्थिति में उनका क्लेम भी अटक सकता है।

प्रदेश सहित जिले के कृषि पर्यवेक्षक 16 अगस्त से आंदोलनरत है। विभागीय योजनाओं के तहत ऑनलाइन कार्य का बहिष्कार कर रहे है। वर्तमान में किसानों को मिलने वाले विभिन्न आदान-अनुदान योजनाओं के आवेदन सहित अन्य प्रक्रिया भी ऑनलाइन होने के कारण इसका सीधा असर जिले के ढाई लाख किसानों पर पड़ा है।

खरीफ 2021 के तहत 2.50 लाख किसानों ने करवाया है फसल का बीमा

जिले में खरीफ फसलों के तहत इस बार बाजरा, मूंग, मोठ, ग्वार, मूंगफली, तिल व चवला आदि फसलों के लिए जिले के 2.50 लाख किसानों ने फसल बीमा करवाया है। बीमा के लिए इन किसानों ने करोड़ों रुपए का प्रीमियम भी जमा करवाया है। ऑनलाइन क्रॉप कटिंग नहीं होने से बीमा क्लेम की पूरी प्रक्रिया बाधित हो सकती है। इसके अलावा पाइप लाइन के 250, कृषि यंत्र के 100, जल होज के 20, वॉल पोंड के 15, बीज व कीटनाशक लाइसेंस के 750 आवेदन सहित अन्य योजनाओं के सैकड़ों आवेदन पेंडिंग हैं। खरीफ फसल के तहत गत वर्ष फसल खराब व कम उत्पादन होने पर जिले के किसानों को 233 करोड़ रुपए का बीमा क्लेम मिला था।

जिले में कृषि पर्यवेक्षक के 33 पद खाली : जिले की सात ब्लॉक की 244 ग्राम पंचायतों पर कृषि पर्यवेक्षकों के कुल 115 पद स्वीकृत हैं, मगर वर्तमान में सिर्फ 82 ही कार्यरत है, जिसके कारण एक-एक कृषि पर्यवेक्षक को तीन से चार ग्राम पंचायतों के काम की जिम्मेदार मिली हुई है।

ब्लॉक पंचायत स्वीकृत पद पदस्थापित

चूरू - 36 - 18 - 12 रतनगढ़ - 21 - 18 - 12 सुजानगढ़ - 26 - 11 - 9 राजगढ़ - 56 - 24 - 17 बीदासर - 24 - 8 - 5 सरदारशहर - 52 - 24 - 22 तारानगर - 29 - 12 - 5 कुल - 244 - 115 - 82

कृषि पर्यवेक्षक खेतों में जाकर फसल व उत्पादन से जुड़े डाटा करते हैं एकत्र : पीएम फसल बीमा योजना के तहत उत्पादन के आंकड़े जुटाने के लिए ऑनलाइन क्रॉप कटिंग की जाती है। इसके तहत कृषि पर्यवेक्षक खेतों में जाकर फसल व उत्पादन से जुड़े डाटा एकत्रित करते है तथा उसी सीधे वहीं से सीसी एप पर ऑनलाइन अपडेट करते हैं। इन डाटा को ही आधार मानते हुए बीमा कंपनियां किसानों को क्लेम जारी करती है।

  • कृषि पर्यवेक्षकों के ऑनलाइन कार्य बहिष्कार से किसानों को पाइप लाइन, फव्वारा सेट, कृषि यंत्र, बीज व कीटनाशक लाइसेंस, जल होज, डिग्गी निर्माण आदि का अनुदान नहीं मिल पा रहा है।

कृषि पर्यवेक्षक इन मांगों को लेकर हैं आंदोलनरत

  • ​​​​​​​ग्रेड पे 3600 की मांग।
  • 7, 14, 21 व 28 का चयनित वेतनमान।
  • 2013 के बाद नियुक्त कृषि पर्यवेक्षकों की वेतन कटौती वापस लेकर मूल वेतन 9840 के अनुसार सातवें वेतन आयोग में स्थायीकरण करने।
  • 4800 व 5400 ग्रेड पे वाले कृषि पर्यवेक्षकों को सहायक कृषि अधिकारी बनाने।
  • कृषि पर्यवेक्षक को 18 वर्ष पर चयनित वेतनमान आठ हजार से 13500 की वेतन शृंखला देने।
  • सहायक कृषि अधिकारी का पदोन्नति कोटा 60 प्रतिशत करने।
  • कृषि पर्यवेक्षक व सहायक कृषि अधिकारी का अनुपात 4-1 करने।
  • प्रत्येक ग्राम पंचायत पर कृषि पर्यवेक्षक नियुक्त। इन मांगों को लेकर कृषि पर्यवेक्षक 18 अगस्त से आंदोलन कर रहे हैं।

मांगें नहीं मानी तो अब जल्द अतिरिक्त चार्ज का भी बहिष्कार : जिलाध्यक्ष​​​​​​​

कृषि पर्यवेक्षक संयुक्त समन्वय समिति जिलाध्यक्ष अरविन्द सिहाग ने बताया कि 18 सूत्री मांगों पर सरकार ने लंबे समय से कार्रवाई नहीं की, जिसके कारण ऑनलाइन कार्यों के बहिष्कार का निर्णय लेना पड़ा। अगर सरकार अब भी सुनवाई नहीं करती है, तो जल्द ही अतिरिक्त चार्ज के काम का बहिष्कार सहित अन्य निर्णय लेकर आंदोलन तेज किया जाएगा।

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