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सुजानगढ़ में भंवर के ‘लाल’ जीते:मा. भंवरलाल के बेटे मनोज मेघवाल (कांग्रेस) ने भाजपा के खेमाराम को 35611 वोट से हराया

चूरू13 दिन पहले
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एक अप्रैल देर शाम जारी रिपोर्ट में कांग्रेस के मनोज मेघवाल कोरोना संक्रमित मिले। ऐसे में वे मतगणना स्थल पर नहीं आ पाए। 20वें राउंड के बाद उन्होंने अपने घर की छत पर बने कमरे से एकबार बाहर आए। - Dainik Bhaskar
एक अप्रैल देर शाम जारी रिपोर्ट में कांग्रेस के मनोज मेघवाल कोरोना संक्रमित मिले। ऐसे में वे मतगणना स्थल पर नहीं आ पाए। 20वें राउंड के बाद उन्होंने अपने घर की छत पर बने कमरे से एकबार बाहर आए।
  • मनोज मेघवाल कोरोना संक्रमित होने की वजह से नहीं आए मतगणना स्थल
  • आरएलपी के सीताराम नायक ने लिए 32210 वोट

सुजानगढ़ विधानसभा उपचुनाव की रविवार को मतगणना हुई। प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री रहे मास्टर भंवरलाल मेघवाल के निधन के बाद हुए उपचुनाव में बेटे मनोज मेघवाल ने जीत दर्ज की। सुजानगढ़ का चुनावी रिकॉर्ड रहा है कि यहां कोई भी पार्टी लगातार दूसरी बार नहीं जीत पाई। 1985 से लेकर 2018 तक के हुए चुनाव में तो एक बार भाजपा व एक बार कांग्रेस ही जीती। 38 साल की सुजानगढ़ की इस चुनावी परंपरा को सहानुभूति ने तोड़ दिया। लगातार दूसरी बार सुजानगढ़ में कांग्रेस ने सफलता हासिल की। हालांकि ये उपचुनाव है।

कांग्रेस के मनोज मेघवाल ने भाजपा के खेमाराम मेघवाल को 35611 वोटों से हराया। तीसरे नंबर पर आरएलपी के सीताराम नायक रहे, इन्हें 32210 वोट मिले। रविवार को चूरू के राजकीय पॉलिटेक्निकल कॉलेज में कोविड गाइडलाइन की पालना के बीच मतगणना हुई। सुबह आठ बजे शुरू हुई मतगणना के फाइनल परिणाम शाम चार बजे घोषित किए गए। अंतिम 30वें राउंड में एक ईवीएम में तकनीकी खराबी से एक घंटे बाद फाइनल परिणाम जारी हो पाया। ईवीएम की डिस्पले खराब होने के बाद वीवीपेट पर्ची से वोटों की गिनती की गई।
नोटा को 1283 वाेट : निर्दलीय ओमप्रकाश मेघवाल को 362, जगमेल को 287, मंजू घंटियाल बड़ी को 565, मनोज कुमार को 631 व हरिराम मेहरड़ा को 905 वोट मिले।

भास्कर विश्लेषण : 2018 के आम चुनाव की कार्बन कॉपी की तरह नजर आया उपचुनाव परिणाम

2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से मा. भंवरलाल मेघवाल और भाजपा से खेमाराम मेघवाल ने चुनाव लड़ा। तीसरे नंबर पर निर्दलीय संतोष मेघवाल थीं। कांग्रेस को उस समय 83632 और अब 79253 वोट मिले। उस समय कांग्रेस ने भाजपा को 38749 वोट से हराया था। अब उपचुनाव में कांग्रेस के मनोज मेघवाल ने भाजपा के खेमाराम को 35611 वोट से हराया। यानी 2018 के चुनाव व 2021 के उपचुनाव में जीत का अंतर सिर्फ 3138 वोटों का ही रहा।

भाजपा को पिछली बार 44883 व इस बार 43642 वोट मिले, इसमें भी सिर्फ 1241 वोटों का अंतर रहा। उस समय दोनों उम्मीदवारों के सामने प्रमुख उम्मीदवार निर्दलीय प्रत्याशी संतोष मेघवाल ने 38603 वोट लिए थे। इस बार उपचुनाव में संतोष की जगह आरएलपी के सीताराम नायक ने 32210 वोट लिए। हालांकि, संतोष से सीताराम 6393 वोट कम ले पाए।

कांग्रेस की जीत के 3 बड़े कारण
1. सरकार की कई घोषणाएं। मतदाताओं ने भी मानस बनाया कि वे सत्ता के साथ रहेंगे, ताकि क्षेत्र की घोषणाएं अमलीजामा पहन सके।
2. मनोज को पिता भंवरलाल के निधन पर सहानुभूति मिली। कांग्रेस ने उनके वादे पूरे करने के लिए वोट मांगे थे।
3. मनोज को साफ व अलग छवि का फायदा मिला। सीएम ने भाषण में कहा था कि वे जीते तो सुजानगढ़ की जिम्मेदारी मेरी होगी।
जीत के मायने
इस जीत कांग्रेस को ऑक्सीजन मिली है। स्थानीय नेताओं का प्रदेश नेतृत्व के सामने वजूद बढ़ेगा। सीएम ने जीत के बाद पुरस्कार देने का आश्वासन दिया था।
जिले के प्रभारी मंत्री भंवरसिंह भाटी का कद इस जीत के बाद बढ़ेगा। पार्टी ने पूरे चुनाव की बागडोर उन्हें ही दे रखी थी।

भाजपा की हार के 3 बड़े कारण
1. सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर वोट मांगे। केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाई। स्थानीय मुद्दों पर फोकस नहीं किया गया।
2. भाजपा में दावेदारों की संख्या अधिक होने के बाद दुबारा खेमाराम को टिकट देने से भितरघात हुआ। अंदरुनी रूप से एकता का अभाव रहा।
3. आरएलपी की एंट्री ने भी नुकसान पहंुचाया। बीदासर बेल्ट में भाजपा काफी पिछड़ी। कुछ परंपरागत वोट जो आरएलपी में गए।
हार के मायने

  • उपचुनाव में भाजपा की हार से अगले विधानसभा चुनाव में पार्टी को प्रत्याशी चयन को लेकर नए विकल्प तलाशने पर मजबूर होना पड़ेगा।
  • संगठन के ब्लाॅक व जिला स्तर पर बदलाव पर भाजपा प्रदेश नेतृत्व सोचने पर मजबूर होगा।
  • कांग्रेस ने चुनाव घोषणा से पहले ही अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया, मगर भाजपा ने इसका ऐलान बाद में किया।

भास्कर इंटरव्यू

कोरोना से निपटने के लिए चिकित्सा सुविधा बढ़ाने पर फोकस रहेगा, उसके बाद विकास के लिए नई योजनाएं मंजूर कराऊंगा : मनोज

मनोज कोविड पॉजिटिव हैं। उपचुनाव में जीत के बाद उन्होंने भास्कर को टेलीफोन पर दिया ये इंटरव्यू...

Q. आप पहली बार राजनीति में आए और जनता ने आपको विधायक बनाया, अब विधानसभा के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता क्या रहेगी?
मनोज मेघवाल : अभी प्राथमिकता है कि क्षेत्र के लोगों को राहत कैसे दी जाए। महामारी का ये खराब समय पूरा होने के बाद विकास के लिए नए प्लान लेकर आऊंगा और जिन मुद्दों पर चुनाव लड़ा उन्हें पूरा करवाएंगे।
Q. कोविड से निपटने के लिए क्या प्रयास करेंगे?
A. कोरोना से निपटने के लिए चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ाने पर फोकस रहेगा। उसके लिए प्रयासरत हूं। बात चाहे ऑक्सीजन प्लांट शुरू करने की हो या फिर अन्य जरूरी उपकरणों की। इनके लिए सरकार से डिमांड की जाएगी।
Q. हाल ही में राज्य सरकार की ओर से की गई उपचुनाव के बीच हुई घोषणाओं को पूरा करवाने के लिए क्या करेंगे?
A. शत-प्रतिशत घोषणाओं को पूरा करवाया जाएगा। सरकार ने भी वादा किया है। मुख्यमंत्री सहित तमाम विभागों के मंत्रियों से बातचीत कर घोषणाओं को अमलीजामा पहनाया जाएगा।
Q. पिता मास्टर भंवरलाल मेघवाल के अधूरे सपने व पेंडिंग पड़े कामों को पूरा करवाने के लिए कैसे योजना बनाकर पूरा करवाएंगे?
A. पिताजी के कुछ काम हैं जो अभी चल रहे हैं। सीवरेज-ड्रेनेज सहित आपणी योजना के सैकंड फेज के कामों को पूरा करवाएंगे। उनके सपने पूरे होंगे।
Q. क्षेत्र में सबसे बड़ा बदलाव क्या लाना चाहते हैं?
Q. पारदर्शिता के साथ काम हो। विभागों में आमजन की पीड़ा को सुना जाएगा। समय-समय पर अधिकारियों से कामों का फीडबैक लेकर उन पर प्लानिंग के साथ काम होगा।

  • सुजानगढ़ उपचुनाव में कांग्रेस की जीत मतदाताओं की सहानुभूति के कारण हुई, नहीं तो कांग्रेस प्रत्याशी का कोई राजनीतिक कॅरियर नहीं रहा। ये जीत कांग्रेस नीति और रीति की नहीं है। लोग कांग्रेस सरकार से ऊब चुके हँ। भाजपा को वोट कम मिलने का कारण आरएलपी की एंट्री है, जिसके कारण जातिगत मतों का ध्रुवीकरण हो गया, फिर भी पिछली बार जितने वोट भाजपा को मिले हैं। - राजेंद्र राठौड़, चूरू विधायक एवं उपनेता प्रतिपक्ष
  • मतदाताओं की कांग्रेस प्रत्याशी के प्रति सहानुभूति तो थी, लेकिन सरकार ने सत्ता के दम पर सरकारी मशीनरी का पूरा दुरुपयोग कर मतदाताओं को मजबूर किया। लुभावने के लिए झूठी घोषणाएं की। चुनाव हार गए, ये जनता जनार्दन है। भाजपा की पूरी टीम ने मेहनत भी की थी। - खेमाराम मेघवाल, भाजपा प्रत्याशी
  • ये उपचुनाव तो पार्टी का ट्रेलर था, इसमें आरएलपी ने अपनी उपस्थिति का अहसास करा दिया। जनता ने पार्टी को भरपूर सहयोग दिया। अगले चुनाव में सुजानगढ़ में आरएलपी का विधायक बनेगा। - सीताराम नायक, आरएलपी प्रत्याशी

नायक को पिछली बार से 27408 ज्यादा वोट मिले

पिछले विधानसभा चुनाव में सीताराम नायक ने निर्दलीय चुनाव लड़ा, 4802 वोट मिले थे। इस बार आरएलपी से लड़ने पर 32210 वोट मिले, यानी पिछली बार से 27408 वोट ज्यादा मिले। अभिनव राजस्थान पार्टी के दौलतराम को 1627 वोट मिले।

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