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परेशानी:सुजानगढ़ के सरकारी अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ नहीं रोज 100 से ज्यादा मरीजों को जाना पड़ता है चूरू या सीकर

चुरू10 महीने पहले
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  • दूसरी जगह या निजी अस्पतालों में मोटी फीस देकर रोगियों को करवाना पड़ रहा इलाज

त्वचा राेगियाें के इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में काेई बंदोबस्त नहीं हैं। आज तक यहां चर्म रोग विशेषज्ञ डॉक्टर की नियुक्ति नहीं हुई हैं। त्वचा से जुड़े रोगियों में लगातार बढ़ोतरी हो रही हैं। हकीकत ये है कि यहां के रोगियों को मजबूरी में चूरू, सीकर या अन्य किसी जगह प्राइवेट अस्पताल में जाकर इलाज करवाना पड़ रहा हैं। या फिर मोटी फीस देकर निजी चिकित्सकों के चक्कर लगाने पड़ रहे है। चौंकाने वाली बात ये है कि राजकीय बगड़िया अस्पताल में चर्म रोग से जुड़े रोगियों को फिजीशियन व अन्य डॉक्टर देखकर दवाई दे लिखकर दे देते हैं। एंटी बायोटिक दवाई चर्म रोगों पर नाकामयाब साबित हो रही हैं, इससे असाध्य बैक्टीरिया उभरने का खतरा पैदा होता है। राजकीय बगड़िया अस्पताल में नियमित त्वचा रोग के 50 से 60 राेगी आते हैं। ये आंकड़ा तो सिर्फ एक सरकारी अस्पताल का है। विशेषज्ञ बताते हैं कि सुजानगढ़-बीदासर, छापर, सालासर, जसवंतगढ़-लाडनूं सहित आस-पास के सैकड़ों गांवों से आने वाले रोगियों की बात करें तो प्रतिदिन 100 से ज्यादा रोगियों को चर्म रोग विशेषज्ञ डॉक्टर की जरूरत है। बदलती लाइफ स्टाफ के चलते पहले सालाें की तुलना में राेगियाें की संख्या में दाे से तीन गुना की वृद्धि हुई हैं। प्राइवेट डॉक्टर आते हैं, एक रोगी पर औसतन 700 रुपए खर्च : अस्पताल प्रशासन के मुताबिक शहर में प्राइवेट क्लिनिक व मेडिकल पर चर्म रोग विशेषज्ञ आते हैं। रोगियों की चर्म रोग विशेषज्ञ डॉक्टर की डिमांड भी रहती है। एेसे में वे यहां इलाज करवाने जाते है। डॉक्टर 150 से 200 रुपए फीस लेता है, वहीं औसतन 500 रुपए की दवाई लिखता है। कुल मिलाकर एक चर्म रोगी को औसतन 700 रुपए का खर्चा वहन करना पड़ता है। दी यंग्स क्लब में महीने में एक बार निशुल्क शिविर लगता है, जिसमें भी रोगियों की संख्या 300 तक रहती हैं। दूर-दूर से रोगी यहां दिखाने आते हैं। अभी कोरोना के चलते शिविर भी नहीं लग रहा।

चर्म रोग विशेषज्ञ की डिमांड की हुई है : पीएमओ
पता लगा है कि पीजी कर चुके डॉक्टरों का चर्म रोग विशेषज्ञ का नया बैच निदेशालय में आया है। अस्पताल से चर्म रोग विशेषज्ञ की डिमांड की हुई है। उम्मीद है अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ मिलेगा, जिससे रोगियों को राहत मिलेगी। अभी अस्पताल में आने वाले सामान्य रोगियों की जांच कर दवाई देते है। अस्पताल में प्रतिदिन 50-60 रोगी आ ही जाते है। -डॉ. सुरेशचंद्र कालानी, पीएमओ

इन कारणों से बढ़ रहे चर्म रोग के मरीज

  •  बदलते पर्यावरण व प्रदूषण की वजह से त्वचा के रोगी बढ़ रहेे हैं।
  •  इलेक्ट्रिक उपकरण के रेडियेशन आदि से भी इसके कारण है।
  •  बदलती लाइफ स्टाइल में पहनावा व फास्टफूड खान-पान से त्वचा के रोगी बढ़ रहे है।
  •  तेज सर्दी-गर्मी के मौसम में फंगल के रोग बढ़ते है। बारिश में भी लोगों की त्वचा में रोग उभर जाते है।
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