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परिवहन विभाग के निर्देश:अब एंबुलेंस चालक नहीं वसूल पाएंगे ज्यादा किराया, वाहन में पैनिक बटन और जीपीएस लगाना अनिवार्य

चूरू7 दिन पहले
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  • कोरोनाकाल में मरीजों से मनमानी वसूली की शिकायतों के बाद लिया फैसला

परिवहन विभाग की ओर से एंबुलेंसों पर निगरानी रखने के लिए व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग सिस्टम लगाए जाएंगे। कोरोना काल में एंबुलेंस वाहन चालकों द्वारा निर्धारित किराये से अधिक राशि वसूलने, छोटे रूट के बजाय लंबे रूट से वाहन ले जाने, मरीजों के साथ अप्रिय घटना जैसे मामलों पर अंकुश लगाने की शिकायतों के बाद परिवहन विभाग ने यह निर्णय लिया है। सभी एंबुलेंस धारकों को अपने वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग सिस्टम (जीपीएस डिवाइस) लगाना अनिवार्य होग।

जिला परिवहन अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि पंजीकृत एंबुलेंस वाहनों में 30 दिन में जीपीएस लगवाने होंगे। इसमें वाहनों में उसी के निर्माता द्वारा विशेष रूप से अनुमोदित एआईएस 140 मानक का डिवाइस स्थापित किया जाना है। एंबुलेंस वाहनों में पैनिक बटन भी होगा, जिसके जरिए सूचना पुलिस और परिवहन विभाग तक पहुंचेगी। यह लोकेशन ट्रेकिंग सिस्टम राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) से जोड़ा जा रहा है।

साथ ही वाहन सॉफ्टवेयर से इंटीग्रेटेड एवं नेटवर्किंग करते हुए परिवहन मुख्यालय जयपुर स्तर से मॉनिटरिंग की जाएगी। कोरोना में मरीजों और परिजनों के लिए यह प्रयोग कारगर साबित होगा। केंद्रीय मोटरयान नियम, 1989 के नियम 125 (एच) में सार्वजनिक सेवा यानों में व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइस और इमरजेंसी बटन लगाने के प्रावधान किए हैं।

परिवहन विभाग की ओर से आठ मई को सभी एंबुलेंसों के लिए किराया निर्धारित किया गया था। इससे अधिक किराये की प्रवृति पर अंकुश लगा है। सभी एंबुलेंस चालकों को नोटिस जारी कर सात दिन में पैनिक बटन व जीपीएस लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रथम 10 किमी पर 500 रु. किराया तय, इसके बाद 2.50 रु. प्रति किमी अतिरिक्त

  • परिवहन विभाग ने एंबुलेंस का प्रथम 10 किमी तक 500 रुपए किराया निर्धारित किया था। मारूति वैन, मार्शल, मैक्स आदि के लिए 12.50 रुपए प्रति किमी, ट्वेरा, इनोवा, बोलेरो, क्रूजर, रायनो आदि के लिए 14.50 रुपए तथा अन्य बड़े एंबुलेंस-शव वाहनों के लिए 17.50 रुपए प्रति किमी तय है।
  • एसी वाहन होने पर एक रुपए प्रति किमी अतिरिक्त शुल्क लगेगा। कोविड के मरीज व शव को लाने- ले जाने के लिए एंबुलेंस चालक की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पीपीई किट व सेनेटाइजेशन का व्यय प्रति चक्कर 350 रुपए अतिरिक्त ले सकेंगे।
  • 10 किमी से अधिक चलने पर प्रथम 10 किमी के अतिरिक्त चलने वाली दूरी को दो गुना आने व जाने करने के पश्चात कुल किमी की गणना की जाएगी।
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