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अच्छी खबर:अब किसान अपने खेत में तैयार करेंगे देशी खाद, जिले में स्थापित की जाएंगी सुपर कम्पाेस्ट की 1100 यूनिट

चूरू14 दिन पहले
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  • यूनिट स्थापित करने को कृषि विभाग करेगा सहयोग
  • इस खाद से जमीन की पानी सोखने की क्षमता बढ़ेगी

खेतों में खरपतवार हटाने व अच्छा उत्पादन पाने के लिए महंगे रासायनिक कीटनाशक उत्पादकों का उपयोग करने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है। ऐसे किसान अब सरकार के सहयोग से अपने खेत में ही देशी खाद तैयार कर सकेंगे। यह अन्य उत्पादकों के मुकाबले सस्ती व मिट्‌टी के उपजाऊपन को बनाए रखते हुए अच्छा उत्पादन भी देगी। इस खाद से जमीन की पानी सोखने की क्षमता भी बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना में किसानों के खेतों में कम्पोस्ट यूनिट की स्थापना करवाई जाएगी, जिससे यह देशी खाद तैयार होगी। इसमें अनुसूचित जाति जनजाति के किसानों को जनसंख्या के आधार पर तथा महिला किसानों को प्राथमिकता से लाभान्वित किया जाएगा। योजना में चयनित ग्राम पंचायतों में से ही लाभान्वित होने वाले किसानों का चयन किया जाएगा। जिले की अलग-अलग पंचायत समितियों के तहत फिलहाल इसकी 1100 यूनिट स्थापित करवाई जाएगी। इनमें सामान्य श्रेणी के 850, एससीची के 244 व टीएसपी श्रेणी के छह किसानों का चयन किया जाना है।

कृषि विस्तार उपनिदेशक दीपक कपिला ने बताया कि राज्य सरकार की बजट घोषणा व विभागीय निर्देशानुसार सहायक अधिकारी कार्यालय स्तर पर अलग-अलग लक्ष्य आवंटित कर किसानों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए हैं। जिले में प्रथम चरण में 1100 यूनिट की स्थापना की जाएगी। सुपर कम्पोस्ट यूनिट की स्थापना से किसानों को खेती के लिए अच्छी गुणवत्तायुक्त देशी खाद मिल सकेगी, वहीं पशुपालन को भी बढ़ावा मिलेगा।

3 माह में तैयार होगी खाद, ऐसे तैयार करें कम्पोस्ट यूनिट

कंपोस्ट यूनिट तैयार करने के लिए किसान को जमीन पर 12 फीट लंबा, 5 फीट चौड़ा व तीन फीट गहरा दो आयताकार गड्‌ढ़े बनाने होंगे। गड्‌ढ़ा खोदने के बाद स्थानीय कृषि पर्यवेक्षक को सूचना देनी होगी। कृषि पर्यवेक्षक मौके पर वेरिफिकेशन करेगा और आवेदन फॉर्म भरकर किसान को देगा। किसान यह फॉर्म केवीएसएस पर देगा, जहां से 200 किलो यानी चार कट्टे एसएसपी के दिए जाएंगे।

  • इसके बाद किसान को गड्‌ढ़े में नीम के पत्ते, नीमोली, गोबर, सड़ने गलने वाली चीजें, वनस्पति डालने के बाद एक फीट की लेयर पर 3 से 5 किलो एसएसपी डालनी होगी। मिट्‌टी से अच्छी तरह से ढककर गड्‌ढ़े को तीन माह तक छोड़ देना है। तीन माह बाद सुपर कम्पोस्ट खाद तैयार हो जाएगी, जिसको खेती में उपयोग किया जा सकेगा। एक गड्‌ढ़े की खाद एक बीघा के लिए पर्याप्त होती है।

ये खाद डालने के बाद 3 साल नहीं डालनी पड़ेगी खाद

गोबर को सीधा खेत में डालने से खरपतवार के बीज भी पहुंच जाते है, जो फसल की वृद्धि को प्रभावित करती है। वहीं सीधे खाद डालने से दीमक भी लगती है। सुपर कंपोस्ट यूनिट में तैयार की गई खाद खरपतवार मुक्त होती है। फसल में रोग लगने की कम संभावना व जमीन को उपजाऊ बनाती है। यूनिट में तैयार खाद में 14 से 15 पोषक तत्व मिलते हैं। देशी खाद डालने के बाद तीन साल तक खाद डालने की जरूरत नहीं पड़ती।

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