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हिंगलाजदान ने कहा:सेठिया की कविता आदमी को अपनी माटी, भाषा और संस्कृति से जोड़ती हैं

सुजानगढ़20 दिन पहले
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हिंगलाजदान - Dainik Bhaskar
हिंगलाजदान

मरूदेश संस्थान की ओर से कन्हैयालाल सेठिया साहित्य संवाद शृंखला में राजस्थान पर्यटन विकास निगम कोलकाता के प्रभारी अधिकारी हिंगलाजदान रतनू ने कहा कि महा मनीषी कन्हैयालाल सेठिया की कविताएं आदमी को अपनी माटी, भाषा और संस्कृति से जोड़ती हैं।

मरूदेश संस्थान के अध्यक्ष डॉ. घनश्याम नाथ कच्छावा ने बताया कि “कुछ बातें सेठिया जी की, कुछ रचनाएं सेठिया जी “ शीर्षक से आयोजित कार्यक्रम में हिंगलाजदान रतनू ने सेठिया को मैथिलीशरण गुप्त व रामधारीसिंह दिनकर के बराबर का कवि मानते हुए कहा कि उनका रचा गीत ‘धरती धोरा री......’ राजस्थानियों का राज्य गीत बन गया हैं।

संस्थान के तकनीकी सलाहकार मुदित तिवाड़ी ने आयोजकीय पृष्ठभूमि की जानकारी दी। कार्यक्रम से जय प्रकाश सेठिया, भगवान सिंह झाझड़िया, डॉ. मीनाक्षी बोराणा बंशीधर शर्मा, डॉ. तारा दूगड़, ज्योत्सना बागरेचा, प्रमोद शर्मा, अमिता सेठिया, भारती व्यास, वाहिद काजी, संतोष चौधरी, वसुन्धरा मिश्रा, ममता जांगिड़, जीए खान, जयश्री सेठिया, शमसुद्दीन स्नेही, भंवरलाल गिलाण, लक्ष्मी बदरा, भागीरथ सुथार, छैलूदान चारण, राहुल सेठिया, संस्थान के सुमनेश शर्मा, रतन सैन, कमल नयन तोषनीवाल आदि जुड़े। कार्यक्रम संयोजक किशोर सैन ने आभार जताया।

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