देवउठनी एकादसी के बाद बैंड बाजा बारात:14 नवंबर से गूंजेगी शहनाई, सर्वार्थ सिद्धि और हर्षण योग का अबूझ मुहूर्त, दिसंबर तक चूरू में धर्मशालाएं खाली नहीं

​​​​​​​चूरू22 दिन पहले
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देवउठनी एकादशी इस बार दो दिन 14 व 15 नवंबर को मनाई जाएगी। 14 नवंबर को अबूझ मुहूर्त के साथ ही सर्वार्थ सिद्धि व हर्षण योग है और पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र भी है। इस दिन बिना मुहूर्त के विवाह हो सकेंगे। धर्मशास्त्रों के अनुसार भगवान विष्णु चार महीने बाद योग निद्रा से जागेंगे, इसलिए इस दिन से शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाएगी। पंचांगों के अनुसार 2021 में देवप्रबोधिनी एकादशी के बाद नवंबर में पांच और दिसंबर में चार दिन यानी कुल नौ दिन विवाह के शुभ मुहूर्त हैं। इधर, विवाह के मुहूर्त आते ही हलवाई, दर्जी, टैंटवाले, फूलवाला, बैंडबाजा सहित अन्य बिजी हो गए है।

टैंट व्यवसायी संदीप पाटिल का कहना है कि नवंबर-दिसंबर के सावे को लेकर उनकी बुकिंग कई हो चुकी है। अब दिसंबर तक व्यस्त रहेंगे। इधर, हलवाई महेश चोटिया का कहना है कि अब तो दिसंबर तक एडवांस बुकिंग हो चुकी हैं। कमोबेश यही हालत धर्मशाला एवं रेस्टहाउस की है। शादी-विवाह समारोह के कारण सब पहले से बुक हंै।

25 साल बाद एक माह में 3 एकादशी तिथि रहेंगी

पंडित पंकज चोटिया के अनुसार नवंबर एकादशी से ही प्रारंभ हो रहा है और एकादशी से समाप्त हो रहा है। करीब 25-30 साल में ऐसा योग आता है जब एक माह में तीन एकादशी होती हैं। 1 नवंबर को रमा एकादशी दोपहर 1.21 बजे तक है। इस दिन व्रत और दान की एकादशी मानी जाएगी। 14 और 15 नवंबर दो दिन देवोत्थान एकादशी है। मार्गशीर्ष माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी 30 नवंबर को है। यह उत्पन्ना एकादशी है।

14 व 15 को दो दिन मनाई जाएगी प्रबोधिनी एकादशी : ज्योतिषाचार्य मुखराम के अनुसार देवोत्थान एकादशी दो दिन 14 और 15 नवंबर को है। स्मार्त मतानुसार 14 नवंबर को एकादशी है। वैष्णव मतानुसार सूर्योदय कालीन एकादशी 15 नवंबर को है। 14 को एकादशी सुबह 5.48 बजे प्रारंभ होगी। 15 को सुबह 6.39 बजे तक एकादशी है। उसके बाद द्वादशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। देवप्रबोधिनी एकादशी पर तुलसी विवाह किया जाएगा। विवाह के मुहूर्त20 नवंबर, 21, 28, 29 व 30 नवंबर, 1, 7, 11 व 13 दिसंबर। पं. पंकज चोटिया के अनुसार 15 दिसंबर से 14 जनवरी 2022 तक धनुर्मास की वजह से शादी के मुहूर्त नहीं हैं।

जनवरी व फरवरी में शादी के मुहूर्त ये रहेंगे- {जनवरी : 22, 23, 24, 25, 26, 30 जनवरी। {फरवरी : 5, 6, 09, 10, 18, 19 फरवरी। {22 फरवरी से 23 मार्च तक तारा अस्त रहेगा, इसलिए इस दौरान विवाह के मुहूर्त नहीं हैं।

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