रक्षाबंधन 22 को:श्रावणी नक्षत्र 21 को समाप्त, 11 घंटे 18 मिनट बंधेगी भाई की कलाई पर बहन के स्नेह की डोर, भद्रा का साया नहीं

चूरू4 महीने पहले
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भाई-बहन के स्नेह का पर्व रक्षाबंधन 22 अगस्त को मनाया जाएगा। इस बार पर्व पर अशुभ फल देने वाली भद्रा का साया नहीं रहेगा। दिनभर में 11 घंटे 18 मिनट में कई शुभ मुहूर्त में बहन-भाई की कलाई पर स्नेह की डोर बांधेगी। इस मौके पर मंगलकारी शोभन व धनिष्ठा नक्षत्र का संयोग बनेगा। पं. पंकज चोटिया ने बताया कि पूर्णिमा तिथि 21 अगस्त शनिवार को शाम 7: 01 बजे से शुरू होकर अगले दिन 22 अगस्त रविवार को शाम 5:32 बजे तक रहेगी।

उदया तिथि के चलते एक मत से रक्षा बंधन पर्व इस बार 22 अगस्त को मनाया जाएगा। 22 को भद्रा सुबह 6: 14 बजे तक रहेगी। इसके बाद भद्रा का दोष नहीं होने से सुबह से पूर्णिमा तिथि के समापन तक दिनभर राखी बांधी जाएगी। इस दिन शोभन योग और घनिष्ठा नक्षत्र दिवस पर्यंत रहेगा। हालांकि इस बार श्रावणी नक्षत्र एक दिन पहले 21 अगस्त को ही समाप्त हो जाएगा।

सूण मांडने का कार्यक्रम 21 अगस्त शाम काे सात बजे से पहले करना फलदायक रहेगा। 22 काे सुबह 6:14 के बाद शाम 5:32 तक रक्षा सूत्र बांधने का शुभ समय रहेगा। 22 काे श्रावणी उपाकर्म भी सुबह 6:15 बजे बाद ही होगा। इस दिन शुभ फल देने वाले योग में शामिल शोभन योग भी है। इस योग का स्वामी शुक्र है। इसके अलावा इस दिन शुभ नक्षत्रों में से एक धनिष्ठा नक्षत्र भी रहेगा।

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