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कोरोना का वितरण:सुजानगढ़ उपसभापति कोरोना पॉजिटिव के बाद भी खुलेआम घूम रहे, शर्मनाक जवाब- मैं पॉजिटिव हूं लेकिन कोई लक्षण नहीं

चूरूएक महीने पहले
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सुजानगढ़ नगर परिषद उपसभापति अमित मारोठिया एक मई को जारी कोरोना जांच रिपोर्ट में पॉजिटिव थे। उसके बाद भी वे कार्यक्रमाें में शामिल हो रहे हैं। - Dainik Bhaskar
सुजानगढ़ नगर परिषद उपसभापति अमित मारोठिया एक मई को जारी कोरोना जांच रिपोर्ट में पॉजिटिव थे। उसके बाद भी वे कार्यक्रमाें में शामिल हो रहे हैं।

कोरोना की दूसरी भयानक लहर के बीच हमारे जनप्रतिनिधि कितने लापरवाह और गैर जिम्मेदार हैं, इसका सबूत गुरुवार को नगर परिषद परिसर में ही देखने को मिला। सुजानगढ़ नगर परिषद उपसभापति अमित मारोठिया एक मई को जारी कोरोना जांच रिपोर्ट में पॉजिटिव थे। उसके बाद भी वे खुलेआम शहर में घूम रहे है।

चौंकाने वाली बात तो ये है कि गुरुवार को नगर परिषद में सफाई कर्मचारी, कर्मचारी, कई सामाजिक संगठनों के कोरोना योद्धा व पत्रकारों को कोरोना सेफ्टी किट का वितरण कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में सभापति निलोफर गौरी, आयुक्त सोहनलाल नायक के साथ उपसभापति अमित मारोठिया ने सभी को ये कोरोना की सुरक्षा किट दी, लेकिन सवाल ये खड़ा होता है कि वे कोरोना संक्रमित होने के बाद भी कार्यक्रम में क्यों आए? कार्यक्रम में सात सफाई कर्मचारी, आठ-10 नगर परिषद कर्मचारी, सात पत्रकार व दो-तीन अन्य कोरोना योद्धा थे।

गैर जिम्मेदारी का ये कैसा जवाब, पॉजिटिव आया, लेकिन कोई लक्षण नहीं

उपसभापति अमित मारोठिया से भास्कर ने जब कोरोना संक्रमित होने की बात पूछी तो उन्होंने कहा कि हां, वे कोरोना पॉजिटिव आए थे, लेकिन उनमें कोई लक्षण नहीं है। उनसे पूछा कि वे रिपोर्ट आने के बाद भी कई जगह शहर में जा रहे है और लोगों के संपर्क में है। जवाब दिया कि वे एकदम फिट है।

मैं तो लोगों की सुरक्षा में जुटा हूं, मुझे पता होता तो ऐसा होता ही नहीं: आयुक्त

आयुक्त सोहनलाल नायक ने कहा कि मैं तो लगातार कोविड से शहर को बचाने के लिए दिन-रात जुटा हुआ हूं। मेरी नगर परिषद टीम की सुरक्षा के लिए मैंने तो ये पहल की थी कि उन्हें कोरोना किट दूं, ताकि वे सुरक्षित रहें। जागरूकता के नाते खुद उपसभापतिजी को सोचना चाहिए था, कि वे घर में रहें, अगर मुझे पता होता तो कार्यक्रम ही नहीं करता। मैंने उनसे एक बार पूछा भी था कि आप कोरोना संक्रमित तो नहीं है, तो उन्होंने कहा कि नहीं।

हैसियत का ख्याल रखें, विश्वास तोड़ने का काम नहीं करें: सभापति

सभापति निलोफर गौरी ने कहा कि आम जनता-जनप्रतिनिधि अपनी हैसियत का ख्याल रखें और लोगों के विश्वास का ख्याल रखें। उपसभापति की नैतिक जिम्मेदारी व दायित्व बनता है कि उन्हें कार्यक्रम में आना ही नहीं चाहिए था। जनप्रतिनिधि किसी का विश्वास तोड़ने का काम नहीं करें। संक्रमित रिपोर्ट आते ही उन्हें क्वारेंटाइन हो जाना था।

एक्सपर्ट व्यू: लक्षण नहीं होना बड़ी बात नहीं, लेकिन कोरोना फैला सकता है

राजकीय बगड़िया अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. दिलीप सोनी ने बताया कि किसी भी कोरोना संक्रमित में लक्षण नहीं होना बड़ी बात नहीं है। हो सकता है उसका इम्यूनिटी पॉवर बेहद मजबूत हो, लेकिन ऐसा कोरोना संक्रमित कोरोना फैला जरूर सकता है। कोरोना संक्रमित होने के साथ ही उसे 14 दिन के लिए क्वारेंटाइन हो जाना चाहिए।

फिर एसडीएम ने किया पाबंद

इस संबंध में एसडीएम मूलचंद लूणिया से बात की कि कोई कार्रवाई की गई है क्या? तो उन्होंने कहा पाबंद किया है कि वे क्वारेंटाइन रहें।

रिपोर्ट : अखिलेश दाधीच, सुजानगढ़

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