किसान चिंतित:मूंगफली की फसल पर लट के प्रकाेप से पत्ताें में हो रहे छेद

चूरू/सरदारशहर2 महीने पहले
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  • सरदारशहर में 35 हजार हैक्टेयर में मूंगफली की बुआई, दवा के छिड़काव का भी असर नहीं

उपखंड क्षेत्र में इस बार मूंगफली की बंपर बुआई है। शुरुआत में अच्छी बारिश मिलने के बाद फसलें भी अच्छी तरह से ग्राेथ कर रही है। करीब 35 हजार हैक्टेयर में इस बार मूंगफली की बुआई की गई है। कानूनगाे प्रहलादराय पारीक ने बताया कि गत वर्ष की तुलना में इस बार दाे हजार हैक्टेयर ज्यादा क्षेत्र में मूंगफली की बुआई हुई है।

लेकिन, अब मूंगफली बाेने वाले किसान फसल पर हाे रहे लट के प्रभाव से चिंतित हैं। क्षेत्र के कई गांवाें पर मूंगफली की फसल पर हरी लट की वजह से खराब हाे रही है। हरी लट की वजह से मूंगफली के पत्ताें में छेद हाेने लगे हैं। दवाओं का छिड़काव करने के बाद भी किसानाें काे राहत नहीं मिल रही है।

60 से ज्यादा गांवाें में फसलों पर पत्ती छेदक लट का ज्यादा प्रकाेप

उपखंड क्षेत्र के करीब 60 गांवाें में पत्ती छेदक लट का प्रकाेप मूंगफली की फसलाें पर बना हुआ है। इन गांवाें किसान लट की वजह से काफी चिंतित हैं। बंधनाऊ के मनीराम सारण ने बताया कि गांव में करीबन 400 कृषि कनेक्शन हैं, जिन पर मूंगफली की बुआई हुई है। इन सभी किसानाें की फसलें पत्ती छेदक लट से प्रभावित हाे रही हैं।

{भादासर के अर्जुन पांचाली ने दवा का छिड़काव करने के बाद भी राहत नहीं मिल रही। बीकमसरा के किशननाथ व अमरचंद सिद्ध ने बताया कि करीब 60 गावों की फसलाें पर लट का प्रकाेप है। भादासर, बंधनाऊ, गोमटिया, पातलीसर, भोजूसर, रामसीसर, बीकमसरा, रोलासर, तोलासर, भाटवाला, भोजासर, रूपलीसर 60 से अधिक गांवाें की फसलें लट से प्रभावित हाे रही हैं।

इमामेक्टिन बेंजोएट या क्विनालफॉस दवा छिड़कें : कृिष अिधकारी

मूंगफली सहित अन्य फसलाें पर लट के प्रकाेप काे लेकर कृषि विभाग चूरू के कृषि अधिकारी कुलदीप शर्मा ने बताया कि फसल में पत्ती छेदक लट को नियंत्रित करने के लिए इमामेक्टिन बेंजोएट दो ग्राम प्रति लीटर या क्विनालफॉस 2-3 ग्राम प्रति लीटर का छिड़काव प्रति बीघा में किसानाें करना चाहिए।

इन दवाओं के छिड़काव से लट का प्रकाेप खत्म किया जा सकता है। शर्मा ने बताया कि ग्वार, मोठ, मूंग, बाजारा सहित अन्य फसलाें पर भी इस समय रस चूसक कीटों का प्रभाव ज्यादा रहता है। कृषि विभाग की ओर से इस संबंध में किसानाें काे निरंतर जागरूक भी किया जा रहा है।

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