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जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक:बैठक में छाया रहा फसल खराबे का मुद‌्दा सही सर्वे व क्रॉप कटिंग करवाने की मांग; सदस्यों ने किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की

चूरू2 महीने पहले
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जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक में उपस्थित अधिकारी व जनप्रतिनिधिगण। - Dainik Bhaskar
जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक में उपस्थित अधिकारी व जनप्रतिनिधिगण।

जिला परिषद के अटल सेवा केंद्र में बुधवार को हुई साधारण सभा की दूसरी बैठक में सितंबर में लगातार बारिश के कारण हुए फसल खराबे व किसानों के नुकसान को जनप्रतिनिधियों ने प्रमुखता से उठाया। प्रशासन से खराबे का सही सर्वे व क्रॉप कटिंग करवाने व पीड़ित किसानों को क्लेम व मुआवजा दिलाने की मांग की।

जिला प्रमुख वंदना आर्य की अध्यक्षता में हुई बैठक में उप जिला प्रमुख महेन्द्र न्यौल ने कहा कि बीमा कंपनी का नियम है कि 72 घंटे में किसान फसल खराबे की सूचना दे। इतने कम समय में किसान सूचना कैसे देगा। अगर कोई किसान वंचित रह गया तो कंपनी उसे क्लेम तक नहीं देगी।

जिले में मूंग व मोठ की फसल खराब हो चुकी है। पिछली बार रबी सीजन के तहत खासोली में क्रॉप कटिंग के दौरान कृषि अधिकारी ने बीमा कंपनी के साथ मिलकर प्रति बीघा 4 क्विंटल तक चने की उपज दिखा दी, जबकि उत्पादन 50 किलो प्रति बीघा भी नहीं हुआ। अधिकारी ही ऐसा करेंगे तो फिर हालात सुधरेंगे ही नहीं। ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।

तारानगर प्रधान संजय कस्वा ने कहा कि दो दिन पहले विधायक ने गांवों में फसल खराबे की जानकारी ली तो चार हजार किसानों ने खराबे की शिकायत की। मूंग-मोठ के अलावा बाजरे की फसल भी खराब हुई है। कृषि विभाग व बीमा कंपनी अपने पास आने वाली शिकायतों को ही खराबा मान रही हैं तो बाकी का क्या होगा।

विभाग पूरे जिले में क्रॉप कटिंग करवाए। चूरू प्रधान दीपचंद राहड़ ने कहा कि क्रॉप कटिंग के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि को भी साथ रखा जाए। जिप सदस्य सोहन लोहमरोड़ ने कहा कि कृषि अधिकारी फोन नहीं उठाते, किसान शिकायत कहां करें। राजकुमार ने कहा कि कृषि पर्यवेक्षक फील्ड में काम नहीं करते। त्रिलोकाराम कस्वा ने कहा कि बची हुई फसलों में लट लगी हुई है। लेकिन कौनसी दवाएं डालें, ये बताने वाला नहीं।

जिला प्रमुख आर्य ने कहा कि जनप्रतिनिधि लिखित में भी शिकायतें दें, ताकि समाधान करवाया जा सके। बैठक में नरेगा की पूरक वार्षिक कार्ययोजना, पंचायतीराज विभाग की योजनाओं, पीएम ग्राम सड़क योजना के तहत शेष लंबाई के कार्यों के लिए डीआरआरपी कैंडीडेट रोड व सीयूसीपीएल के प्रस्तावों पर चर्चा कर प्रस्ताव पारित किए गए।

इस दौरान सीईओ रामनिवास जाट, उपनिदेशक कृषि विभाग दीपक कपिला, सीएमएचओ डॉ. मनोज शर्मा, रतनगढ़ प्रधान मोहनी खीचड़, जिला सदस्य कमला गोदारा, सुजानगढ़ प्रधान मनभरी, राजगढ़ प्रधान विनोद देवी, जिप सदस्य संतोष तालणिया, सोहन लोहमरोड, नोरा, विमला, नौरंगलाल सीलू, मालीराम सारस्वत, सुनीता रामसरा, कमला, लोकराम, जगदीश प्रसाद, सुमन व ममता आदि उपस्थित थे।

सांसद, विधायक, कलेक्टर व एडीएम नहीं आए, सदस्यों ने जताई आपत्ति
बैठक में सांसद, विधायक व उच्चाधिकारी भी नहीं पहुंचे। सांसद राहुल कस्वां के अलावा छह विधानसभा क्षेत्रों से कांग्रेस के चार व भाजपा के दोनों विधायक भी नहीं आए। कलेक्टर व एडीएम के भी बैठक में नहीं आने पर कुछ जनप्रतिनिधियों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि बिना कलेक्टर व एडीएम बैठक का क्या औचित्य है। जिप सदस्य श्योकरण पोटलिया ने कहा कि बार-बार शिकायत के बावजूद अधिकारी समस्या का समाधान नहीं कर रहे हैं। कई अधिकारी फोन तक नहीं उठाते। इस मामले को लेकर सीएम से मिलूंगा।

बैठक की कार्रवाई के अनुमोदन का विरोध जताया : जिप सस्य कमल गोदारा ने पूर्व बैठक की कार्रवाई का अनुमोदन किए जाने का विरोध करते हुए कहा कि किस बात का अनुमोदन करवाया जा रहा है। पिछली बैठक में मैंने तीन मुद्दे उठाए, एक भी मुद्दा नहीं लिखा गया। जब जनप्रतिनिधियों के उठाए मुद्दे प्रस्ताव में शामिल ही नहीं किए जा रहे हैं, तो फिर वो बैठक में क्यों आएंगे।

  • जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक में उपस्थिति होती है। ये जिला परिषद की विशेष बैठक थी, जिसमें कुछ एजेंडो पर चर्चा होनी थी। ऐसी बैठक में कलेक्टर, एडीएम या प्रशासनिक अधिकारी की उपस्थिति अनिवार्य नहीं है। बैठक में सीईओ मौजूद थे। - सांवरमल वर्मा, कलेक्टर
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