श्री बुधगिरि मढ़ी पधारे संत:अयोध्या होगी विश्व की आध्यात्मिक राजधानी- संत शंकर भारती

फतेहपुर6 दिन पहले
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प्रसिद्ध सिद्धपीठ एवं तपोस्थली श्री बुधगिरि मढ़ी पर मकर संक्रांति के अवसर पर शारदा मठ, श्रृंगेरी (कर्नाटक) के पीठाधीश्वर श्रीमद्जगद्गुरु शंकराचार्य द्वारा अनुग्रहीत योगानन्देश्वर पीठाधिपति परम् पूज्य संत शंकर भारती पधारे। सम्पूर्ण भारतवर्ष की यात्रा के अन्तर्गत स्वामी मैसूर, गोवा, मुम्बई, गुजरात होते हुए फतेहपुर स्थित श्रीबुधगिरि मढी पहुँचे। इस दौरान धर्मप्रेमी कार्यकर्ताओं को प्रवचन देते हुए आदि गुरु शंकराचार्य जी द्वारा रचित ग्रंथ सौंदर्य लहरी की विस्तार पूर्वक व्याख्या करते हुए कहा कि हम सब को भगवान ने अनमोल मनुष्य जीवन प्रदान किया है और हमें इसे सफल बनाना चाहिए। हमें आदि गुरु शंकराचार्य जी द्वारा बताए गए मार्ग पर चलना चाहिए। उन्होंने सौंदर्य लहरी ग्रंथ के श्लोकों की सरल भाषा में व्याख्या करते हुए कहा कि इन श्लोकों का नित्य भावपूर्वक पारायण करने से सभी रोग, कष्ट एवं बाधाएँ स्वतः दूर हो जाती हैं तथा यश, कीर्ति व धन की प्राप्ति भी होती है। उन्होंने इस ग्रंथ के सार रुप में अनेक प्रसंग बताकर श्लोकों का महत्व समझाया। अपनी भारतवर्ष की यात्रा के उद्देश्यों को विस्तारित रुप से बताते हुए उन्होंने कहा कि आगामी समय में अयोध्या नगरी सम्पूर्ण विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनने वाली है और इसके लिए उस तीर्थ क्षेत्र में आदि गुरु शंकराचार्य जी के जीवन चरित्र पर आधारित ज्ञान,बोध एवं संस्कृति का बड़ा केन्द्र बने जिससे पाथेय प्राप्त करके जिस प्रकार से जगद्गुरु शंकराचार्य जी द्वारा भारतीय सनातन संस्कृति की पुनर्स्थापना की गई थी उसी अनुरुप उस केन्द्र से मार्गदर्शन प्राप्त करके हम भारत को पुनः विश्व गुरु के पद पर प्रतिष्ठित कर पाएंगे। इस अवसर पर मढ़ी के पीठाधीश्वर महंत श्री दिनेशगिरि महाराज ने कहा कि भारतवर्ष के महान संतों के शुभ आगमन और आशीर्वाद की श्रृंखला में आज हम पूज्य महास्वामी का आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्राप्त करके अपने आपको गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। इस दौरान अन्य संत स्वामी विमर्शानंद महाराज , शिवबाड़ी (बीकानेर) एवं संत मनमोहन जत्ती का भी उद्धबोधन हुआ ।

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